नागरी प्रचार देश उन्नति का द्वार है। - गोपाललाल खत्री।

माओरी कहावतें

 (विविध) 
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रचनाकार:

 भारत-दर्शन

एक माओरी कहावत है, ‘E tino mōhio ai te tāngata ki te tāngata me mōhio anō ki te reo me ngā tikanga taua tāngata.’ -- लोगों को अच्छी तरह से जानने के लिए, उनकी भाषा और रीति-रिवाजों को जानना आवश्यक है। तभी हमें लगा कि भारतीय दृष्टि से माओरी संसार को समझने का प्रयास करना चाहिए।

माओरी कहावतें

भारत की आज़ादी की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर हमने माओरी कहावतों के हिंदी अनुवाद की परियोजना को मूर्त रूप देने का विचार किया और माओरी की 101 कहावतों पर भारत के उच्चायोग के साथ संयुक्त रूप से एक पुस्तक प्रकाशित की। इस पुस्तक में हमें न्यूज़ीलैंड की प्रीता व्यास और डॉ पुष्पा भारद्वाज-वुड का भी रचना सहयोग मिला। यह पुस्तक हमारे उच्चायोग की वेब साइट पर भी डाउनलोड के लिए उपलब्ध है।

माओरी कहावतों में कई बातों पर ध्यान देना होता है, आपको इनके संदर्भ भी भलीभांति ज्ञात हों, अन्यथा अर्थ का अनर्थ होने में देर नहीं लगती। दूसरे, आपको भाषा की प्रकृति का भी भान हो। कुछ कहावतें तो विशेष पूर्वज विशिष्ट हैं। कुछ कहावतों (whakataukī) में शब्दांकन कभी-कभी iwi (जनजाति) से iwi में भिन्न हो जाते हैं। हालांकि, आम तौर पर मूल संदेश समान रहते हैं। हर भाषा की तरह माओरी भाषा में भी कई बार एक ही शब्द के कई अर्थ होते हैं और मात्र एक दीर्घसूचक चिह्न (Macron) डालने या उसके मात्र स्थान परिवर्तित हो जाने से, अर्थ बदल जाते हैं, जैसे Wahine (महिला) और Wāhine (महिलाएं)।

इस समय सभी भाषाओं में लोकोक्तियाँ (Proverbs) और कहावतें (Sayings) पर्यायवाची हो चुके हैं। वर्तमान में इनके बीच अंतर करना न तो सरल है और न इसकी आवश्यकता है। फिर भी, हमें यह ज्ञात हो कि कहावत का संबंध कथा से अवश्य होता है लेकिन लोकोक्ति लोक में प्रचलित उक्ति होती है। इन दोनों के अतिरिक्त मुहावरे (Idioms) भिन्न हैं। मुहावरे वाक्यांश के रूप में प्रयुक्त होते है, ये स्वतंत्र वाक्य नहीं होते। माओरी सामग्री संकलित करते हुए हमारा कुछ समय मुहावरों को कहावतों से पृथक करने में भी गया, लेकिन हमारे ज्ञान में वृद्धि हुई, इससे इनकार नहीं।

कहावतों का अनुवाद करते समय, आमतौर पर अनुवादकों को भाषाओं के बीच भाषाई, शैलीगत और सांस्कृतिक अंतर के कारण कुछ बाधाओं का सामना करना पड़ता है। कहावतों में सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक विशिष्ट अभिव्यक्तियाँ होती हैं। यद्यपि ये कहावतें बहुत पहले अस्तित्व में आईं, तथापि ये आज भी मान्य हैं और वे हमारे दैनिक वार्तालाप का स्वाभाविक हिस्सा हैं। ‘माओरी की 101 कहावतों’ में अनुवादकों ने माओरी कहावतों की प्राण रक्षा करते हुए इन्हें हिंदी में नवजीवन प्रदान करने हेतु रचनात्मक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से प्रासंगिक रूप में प्रस्तुत किया है, यहीं उनका अनुवाद कौशल अपनी महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करता है।

नूतन वर्ष में भारत-दर्शन माओरी कहावतों को प्रकाशित करने का उपक्रम आरंभ कर रहा है। आशा है, आपका स्नेह सदैव की भांति मिलता रहेगा।

माओरी कहावतें

Ki te kore nga putake e mākukungia e kore te rakau e tupu.
यदि जड़ों को सींचा न जाए तो पेड़-पौधे पोषित नहीं होते।
If the roots of the tree are not watered the tree will never grow.

He aha te mea nui o te ao? He tangata, he tangata, he tangata!
दुनिया में सबसे महत्वपूर्ण चीज क्या है? अपने लोग!
What is the most important thing in the world? It is people!

He kino tokomaha ki te kai i ngā kai, tēnā kia tū ki te mahi, ka aha hoki?
फल की इच्छा सभी को होती है लेकिन कर्म कौन करता है?
When it is time to eat there are many. When it is time to work, what then?

Patua te taniwha koi tamariki.
समस्या पैदा होते ही उसका निवारण कीजिए, उसे विकराल रूप धारण न करने दें।
Beat the taniwha while it is still a baby.

He taonga ronganui te aroha ki te tangata.
Goodwill towards others is a precious treasure.
दूसरों के प्रति सद्भावना एक अमूल्य निधि है।
[अनुवाद-रोहित कुमार हैप्पी]

[माओरी की 101 कहावतें, सम्पादन: रोहित कुमार हैप्पी, प्रकाशक-भारत-दर्शन एवं भारत का उच्चायोग न्यूज़ीलैंड]

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