मुस्लिम शासन में हिंदी फारसी के साथ-साथ चलती रही पर कंपनी सरकार ने एक ओर फारसी पर हाथ साफ किया तो दूसरी ओर हिंदी पर। - चंद्रबली पांडेय।
आ: धरती कितना देती है (काव्य)    Print this  
Author:सुमित्रानंदन पंत | Sumitranandan Pant
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