मई-जून 2026
इस अंक की कुल रचनाएँ : 31
भारत-दर्शन (मई-जून 2026): कहानियाँ, कविताएँ, लोक-कथाएँ, व्यंग्य और आलेख प्रमुखता से प्रकाशित की गई हैं। बाल-साहित्य व आलेख भी पठनीय हैं। Explore Hindi Literature, Stories, Short Stories & Folklore in this issue of Bharat-Darshan.
भारत-दर्शन का मई-जून 2026 अंक आपकी सेवा में सादर भेंट है।
इस अंक में हमने विविध साहित्य और सांस्कृतिक रंगों को प्रमुखता दी है। यह संकलन पाठकों के लिए काव्य, कथा-कहानियाँ, बाल-साहित्य और ज्ञानवर्धक विविध रचनाओं का एक अनूठा गुलदस्ता प्रस्तुत करता है। इस अंक में हिंदी साहित्य के प्रतिष्ठित और समकालीन रचनाकारों की रचनाएँ शामिल हैं, जो जीवन के विविध पक्षों को उजागर करती हैं।
कहानी खंड में वाचस्पति पाठक की ‘अभिभावक’, अरुणा सब्बरवाल की ‘इंग्लिश रोज़’, बंग महिला राजेन्द्रबाला घोष की सुप्रसिद्ध कहानी ‘दुलाई वाली’, तथा रबीन्द्रनाथ टैगोर की कालजयी कहानी ‘पोस्टमास्टर’ जैसी उत्कृष्ट कहानियाँ प्रकाशित की गई हैं।
लघुकथा के अंतर्गत सआदत हसन मंटो की ‘ख़बरदार’ बलराम अग्रवाल की ‘दो और दो’, तथा कन्हैया लाल मिश्र 'प्रभाकर' की ‘नन्दा’ पाठकों को विशेष रूप से आकर्षित करेंगी।
काव्य खंड में वसीम बरेलवी की ग़ज़ल ‘खुल के मिलने का सलीक़ा आपको आता नहीं’, राहत इंदौरी की ‘झूठों ने झूठों से’, संध्या नायर की ग़ज़ल ‘खयालों की जमीं पर...’ तथा प्रगीत कुँअर की ग़ज़ल ‘दिन में जो भी प्यारा’ प्रमुख हैं।
इसी खंड में अमीर ख़ुसरो की ‘मुकरी’, सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की ‘मरा हूँ हज़ार मरण’, द्वारिकाप्रसाद माहेश्वरी की ‘मूलमंत्र’, दिविक रमेश की ‘दो बच्चे’, जानकी वल्लभ शास्त्री की ‘किसने बाँसुरी बजाई’, तथा शारदा मोंगा की ‘मैं तटनी तरल तरंगा, मीठे जल की निर्मल गंगा’ भी शामिल हैं।
शिवमंगल सिंह सुमन की ‘वरदान माँगूँगा नहीं’, अब्बास रज़ा अल्वी की कविता ‘विडम्बना’, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी की ‘संकेतों की भाषा’, आनन्द विश्वास का गीत ‘सजनवा के गाँव चले’, ‘संत कबीरदास के दोहे’, तथा डॉ रमेश पोखरियाल निशंक की ‘हम दुनिया की शान’ भी इस खंड को समृद्ध करती हैं।
हास्य में गोपालप्रसाद व्यास की व्यंग्य कविता ‘सीखा पशुओं से’, तथा अल्हड़ बीकानेरी की हज़ल ‘हफ्तों उनसे...’ सम्मिलित की गई हैं।
विविध खंड में शिवपूजन सहाय का आलेख ‘नेक बर्ताव’ पढ़ें।
बाल-साहित्य खंड इस बार विशेष रूप से समृद्ध है। इसमें आनन्द विश्वास की ‘चिड़िया फुर्र’, रोहित कुमार 'हैप्पी' की ‘कंगारू के पेट की थैली’, भीष्म साहनी की बाल कहानी ‘दो गौरैया’ तथा सरस्वती कुमार 'दीपक' की ‘पंछी से’ जैसी सुंदर बाल रचनाएँ सम्मिलित हैं।
इसके अलावा अकबर बीरबल के किस्सों से ‘मासूम सज़ा’ और विष्णु शर्मा की पंचतंत्र कथा ‘लोभी गीदड़ी’ बच्चों के अतिरिक्त अन्य पाठकों को भी गुदगुदाएंगे और प्रेरित करेंगे।
आशा है पाठकों का स्नेह मिलता रहेगा। आप भी भारत-दर्शन में प्रकाशनार्थ अपनी रचनाएं भेजें।