हिंदी चिरकाल से ऐसी भाषा रही है जिसने मात्र विदेशी होने के कारण किसी शब्द का बहिष्कार नहीं किया। - राजेंद्रप्रसाद।
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मई-जून 2022

मई-जून 2022

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सदैव की भांति इस अंक में भी  'कथा-कहानी' के अंतर्गत कहानियाँलघु-कथाएं व बाल कथाएं। इस अंक के काव्य  में सम्मिलित है - कविताएंदोहेभजनबाल-कविताएंहास्य कविताएं व गज़ल

इस अंक में पढ़िए, वनफूल की कहानी, 'गरीब आदमी', देवदत्त द्विवेदी की कहानी, 'बहादुर कुत्ता', चित्रा मुद्गल की कहानी 'भूख', वनमाली की कहानी, 'जिल्दसाज़', प्रगति गुप्ता की कहानी, 'कुछ यूं हुआ उस रात', और ओमप्रकाश वाल्मीकि  की कहानी, 'पच्चीस चौका डेढ़ सौ'। 

लघु-कथाओं में सुदर्शन की लघुकथा, 'भारी नहीं, भाई है', गुलेरी की लघुकथा, 'पाठशाला' और खलील जिब्रान की, 'दो विद्वान', मधुदीप की, 'हिस्से का दूध' और डॉ॰ रामनिवास मानव की लघुकथा, 'सांप'। 

लोक-कथाओं में इस बार पढ़िए, 'विक्रमादित्य का न्याय'।     

व्यंग्य में इस बार पढ़िए, लतीफ़ घोंघी का व्यंग्य, 'प्रश्नचिह्न', रश्मि चौधरी ‘प्रभास’ का 'माँ तो आखिर माँ होती है' और प्रो॰ राजेश कुमार का व्यंग्य, 'पत्रकार, आज़ादी और हमला' व डॉ सुरेश कुमार मिश्रा उरतृप्त' का व्यंग्य 'एक यांत्रिक संतान'। 

डॉ. कुमारी स्मिता का संस्मरण, 'मेरे हिस्से का पूरा आसमान' अतीत से साक्षात्कार करवाता है।

काव्य में इस बार सुदर्शन, भगवद्द्त 'शिशु', पं॰ हरिशंकर शर्मा, त्रिलोचन, रामप्रसाद मिश्र, शारदा कृष्ण, कमला प्रसाद मिश्र, नर्मदा प्रसाद खरे, लक्ष्मी शंकर वाजपेयी,  प्रो॰ बीना शर्मा, डॉ सुशील शर्मा और आराधना झा श्रीवास्तव की रचनाएँ पढ़ें।  

इस अंक में उपेन्द्रनाथ अश्क, राजगोपाल सिंह, त्रिलोचन, नरेश शांडिल्य और जफ़रुद्दीन जफर की ग़ज़लें पढ़ें। 

भारतीय काव्य में रसों में से हास्य रस प्रमुख रस है, इस बार 'समंदर की उम्र' (अशोक चक्रधर), व्यंग्य कोई कांटा नहीं (गोपालप्रसाद व्यास), व्यंग्यकार से (शैल चतुर्वेदी), और 'खुशामद (पं॰ हरिशंकर शर्मा) की रचनाएँ हास्य रस की छटा बिखेरती हैं। 

आलेखों में सुभाषिनी लता का आलेख, 'फीजी के प्रवासी भारतीय साहित्यकार प्रो॰ बृज लाल की दृष्टि' पढ़ें। विनीता तिवारी का आलेख 'मौन के क्षण'  हमारा परिचय अमेरिका के विद्यालयों से करवा रहा है। रबीन्द्रनाथ टैगोर पर तड़ित मुखर्जी और नरेन्द्र देव के आलेख पढ़ें।

बाल साहित्य के अंतर्गत पंचतंत्र की कथा, शेख चिल्ली की कहानी और बच्चों की कविताएं सम्मिलित की गई हैं। इस बार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की बाल कविता, 'जीवन में नव रंग भरो',अमृता गोस्वामी की बाल कविता, 'गर्मी की छुट्टियाँ'  प्रकाशित की हैं। यह अंक आपको भेंट।

भारत-दर्शन का सम्पूर्ण अंक पढ़ें।  


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