पत्नी का भविष्य | लघुकथा

रचनाकार: डॉ रामनिवास मानव | Dr Ramniwas Manav

पति ने नववर्ष पर ‘हिन्दुस्तान’ में अपना वार्षिक भविष्य-फल देखने के बाद पत्नी से पूछा-"तुम्हारी राशि क्या है?"

"तुला, क्यों ?"

"तुम्हारा वार्षिक भविष्य देखना है।"

"मुझे बिना देखे ही पता है।"

"कैसे ?"

"इस में कैसे की क्या बात है! शादी के बाद पिछले दस वर्ष जैसे बीते हैं, वैसे ही बीतेगा यह वर्ष भी।"

"क्...कैसे ?"

"वर्ष भर कानों में चिख़चिख़, दिमाग़ में खटखट और मन में खिन्नता रहेगी...चारदीवारी की उमस में जी घुटता रहेगा...पति के साथ सम्बन्ध पूर्ववत् रहेंगे...सप्ताह-दस दिन में एक बार प्यार करेंगे पति, सिर्फ़ दस मिनट के लिए...और...और...इससे भिन्न क्या हो सकता है एक पत्नी का भविष्य!"

-डॉ० रामनिवास ‘मानव’