देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

आनन्द विश्वास के हाइकु

1.
मन की बात
सोचो, समझो और
मनन करो।

2.
देश बढ़ेगा
अपने दम पर
आगे ही आगे।

3.
अपना घर
तन-मन-धन से
स्वच्छ बनाएं।

4.
पहरेदार
हटे, तो काम बने
हम सब का।

5.
पानी या खून
हर बूँद अमूल्य
मत बहाओ।

6.
गेंहूँ जौ चना
कैसे हो और घना
हमें सोचना।

7.
हमने माना
पानी नहीं बहाना
तुम भी मानो।

-आनन्द विश्वास

 

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