इस विशाल प्रदेश के हर भाग में शिक्षित-अशिक्षित, नागरिक और ग्रामीण सभी हिंदी को समझते हैं। - राहुल सांकृत्यायन।
सीधा-सादा  (बाल-साहित्य )    Print this  
Author:शेरजंग गर्ग

सीधा-सादा सधा सधा है 
इसी जीव का नाम गधा है
इसपर कितना बोझ लदा है 
पर रहता खामोश सदा है 
ढेंचू ढेंचू कह खुश रहता 
नहीं शिकायत में कुछ कहता 
काम करो पर नहीं गधे-सा
नाम करो पर नहीं गधे-सा

-शेरजंग गर्ग 
[इक्यावन बाल कविताएँ, 2009, आत्माराम एंड संस, दिल्ली]

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