राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। - महात्मा गाँधी।

कविता (Hindi Poetry & Poems)

HINDI POETRY : 1743


हिंदी कविता और काव्य संग्रह - भारत दर्शन साहित्य

हिंदी कविता और काव्य संग्रह | Hindi Poems, Kavita & Kavya

भारत-दर्शन के विशाल डिजिटल पुस्तकालय में आपका स्वागत है, जो इंटरनेट पर विश्व की सबसे पहली ऑनलाइन हिंदी साहित्यिक पत्रिका है। यहाँ हमारा विशेष हिंदी काव्य (Hindi Kavya) संग्रह शब्दों के माध्यम से मानवीय भावनाओं को जीवंत करता है। यदि आप इंटरनेट पर सर्वश्रेष्ठ हिंदी कविता (Hindi Kavita), प्रसिद्ध रचनाकारों के गीत, और क्लासिक Hindi poems खोज रहे हैं, तो यह मंच आपका अंतिम गंतव्य है।

कालजयी रचनाएँ और आधुनिक काव्य संग्रह (Popular Hindi Poetry & Poems)

हमारे विस्तृत संग्रह में कबीरदास, तुलसीदास और सूरदास जैसे महान कवियों से लेकर समकालीन युग के आधुनिक रचनाकारों की उत्कृष्ट कविता (Kavita) शामिल हैं। यहाँ आपको देशभक्ति, प्रेम, सामाजिक सरोकार, हास्य-व्यंग्य, दोहे, और गज़ल सहित हर विधा का काव्य रूप पढ़ने को मिलेगा। चाहे आप साहित्यिक अध्ययन के लिए प्रसिद्ध कवियों की पंक्तियाँ ढूंढ रहे हों या फिर नई Hindi poems का आनंद लेना चाहते हों, भारत-दर्शन हर हिंदी प्रेमी के लिए एक अनूठा साहित्यिक मंच प्रदान करता है।

व्यंग्य क्षणिकाएँ

मिश्रीलाल जायसवाल की व्यंग्य क्षणिकाएँ।

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बैताल

बैताल-माणिक वर्मा की व्यंग्य कविता। Baital-a satirical poem by Manik Verma.

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लेबर चौक | कविता

लेबर चौक-डॉ पवन कुमार जैन 'प्रबल' की कविता। Labour Chowk - Poem by Dr Pawan Kumar Jain 'Prabal'.

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प्रजातंत्र में कबूतर

प्रजातंत्र में कबूतर - राजेश्वर वशिष्ठ की कविता।

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हास्य-व्यंग्य दोहे

हास्य-व्यंग्य से भरपूर काका हाथरसी के दोहे। Humorous and satirical Hindi dohas (couplets) by the legendary Kaka Hathrasi.

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दो ग़ज़लें

दुष्यंत कुमार की दो ग़ज़लें।

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कविता और पाठक | कविता

कविता और पाठक-आराधना झा श्रीवास्तव की कविता।

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मकान और लड़के-लड़कियाँ | कविता

मकान और लड़के-लड़कियाँ-डॉ वंदना मुकेश की कविता।

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डॉ उपासना दीक्षित की दो कविताएं

डॉ उपासना दीक्षित की दो कविताएं।

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दीवाली | कविता

दीवाली-तरिंदर कौर की कविता।

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तू स्वामिनी मैं चेरी | कविता

तू स्वामिनी मैं चेरी-डॉ सीमा अग्निहोत्री चड्ढा ‘अदिति’ की कविता।

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दूसरा रूप | कविता

दूसरा रूप - सफ़िया हयात की कविता।

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शायद मैं एक बुरी औरत हूँ | कविता

शायद मैं एक बुरी औरत हूँ-रमिंदर रम्मी की कविता।

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ट्रैफिक जाम का पुराण

ट्रैफिक जाम का पुराण-प्रीति ढींगरा की कविता।

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गाँव से मॉल तक का सफ़र

गाँव से मॉल तक का सफ़र - गगन संधू की कविता।

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गणतंत्र

गणतंत्र-अमरजीत कसक की कविता।

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हिन्दी-हत्या | व्यंग्य कविता

हिन्दी-हत्या - अरुण जैमिनी की व्यंग्य कविता।

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विचित्र विवशता | कविता

विचित्र विवशता-मधुप पांडेय की हास्य-व्यंग्य कविता।

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हवाई कवि-सम्मेलन | हास्य-व्यंग्य

हवाई कवि-सम्मेलन - पं० हरिशंकर शर्मा की हास्य-व्यंग्य रचना।

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इधर भी गधे हैं, उधर भी गधे हैं | हास्य-व्यंग्य कविता

इधर भी गधे हैं, उधर भी गधे हैं-ओम प्रकाश 'आदित्य' व्यंग्य की एक कालजयी कृति मानी जाती है।

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मोचीराम | कविता

मोचीराम-सुदामा पांडेय धूमिल की कविता।

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रामदास | कविता

रामदास-रघुवीर सहाय की मध्यमवर्गीय जीवन और लोकतांत्रिक व्यवस्था की विडम्बनाओं पर गहरा व्यंग्य करती कविता।

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साँप | अज्ञेय की प्रसिद्ध लघु कविता

साँप-अज्ञेय ने अपनी प्रसिद्ध लघु कविता के माध्यम से शहरी सभ्यता और आधुनिकता पर बहुत सटीक व्यंग्य किया है।

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शासन की बंदूक 

शासन की बंदूक - नागार्जुन की रचना। नागार्जुन की यह कविता मारक क्षमता व तीखे व्यंग्य के लिए जानी जाती है। यह आपातकाल के दौरान और सत्ता की निरंकुशता पर …

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इस शहर की सभ्यता हद है | हज़ल

इस शहर की सभ्यता हद है | प्रदीप चौबे की हज़ल।

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निराला के प्रति | निराला पर व्यंग्य कविता

निराला के प्रति - हिंदी के स्थान पर हिन्दुस्तानी में कविता लिखने पर निराला को अपना आक्रोश जताने के लिए लिखी गई एक कविता।

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उलाहना

उलाहना - गंगाप्रसाद पाण्डेय का गीत।

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होली में

होली में - रमानाथ अवस्थी का गीत।

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बेढब दोहावली 

बेढब बनारसी की दोहावली।

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मुकरियाँ 

समाज, व्यवस्था और शासन पर कटाक्ष करती भारतेंदु हरिश्चंद्र की मुकरियाँ।

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मेरी पसंदीदा रचनाएँ

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