भाषा देश की एकता का प्रधान साधन है। - (आचार्य) चतुरसेन शास्त्री।

साँप!

साँप!

तुम सभ्य तो हुए नहीं
नगर में बसना
भी तुम्हें नहीं आया।

एक बात पूछूँ- (उत्तर दोगे?)
तब कैसे सीखा डँसना-

विष कहाँ पाया?

- अज्ञेय

 

प्रतिक्रियाएं (Comments) - 1

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nirmala s.nirmala354@gmail.com
02-Oct-2015 12:00
इतने कम शब्दों में इससे बड़ी बात नही कही जा सकती

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