मैथिलीशरण गुप्त यद्यपि बालसाहित्य की मुख्यधारा में सम्मिलित नही तथापि उन्होंने कई बाल-कविताओं से हिन्दी बाल-काव्य को समृद्ध किया है। उनकी 'माँ, कह एक कहानी' कविता के अतिरिक्त 'सर्कस' व 'ओला' बाल-कविताएँ अत्यंत लोकप्रिय रचनाएं हैं। यहाँ उनकी बाल-कविताओं को संकलित किया गया है।
यह कैसे संभव हो सकता है कि अंग्रेजी भाषा समस्त भारत की मातृभाषा के समान हो जाये? - चंद्रशेखर मिश्र।
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