राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। - अवनींद्रकुमार विद्यालंकार

संस्मरण

संस्मरण - Reminiscence

Article Under This Catagory

गांधी का हिंदी प्रेम - भारत-दर्शन संकलन | Collections

महात्मा गांधी की मातृभाषा यद्यपि गुजराती थी तथापि वे भारतीय स्वतंत्रता-संग्राम में जनसंपर्क हेतु हिन्दी को ही सर्वाधिक उपयुक्त भाषा मानते थे।

 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें


Deprecated: Directive 'allow_url_include' is deprecated in Unknown on line 0