हिंदी हिंद की, हिंदियों की भाषा है। - र. रा. दिवाकर।
निकटता | कविता (काव्य)    Print  
Author:विष्णु प्रभाकर | Vishnu Prabhakar
 

त्रास देता है जो
वह हँसता है
त्रसित है जो
वह रोता है
कितनी निकटता है
रोने और हँसने में

-- विष्णु प्रभाकर

 

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