भाषा की समस्या का समाधान सांप्रदायिक दृष्टि से करना गलत है। - लक्ष्मीनारायण 'सुधांशु'।
हैरान परेशान, ये हिन्दोस्तान है (काव्य)    Print  
Author:अनिल जोशी | Anil Joshi
 

हैरान परेशान, ये हिन्दोस्तान है
ये होंठ तो अपने हैं, पर किसकी जुबान है

जुगनू मना रहे हैं जश्न, आप देखिए
पर सोचिए सूरज यहां क्यों बेजुबान है

तुलसी, कबीर, मीरा भी, जब से हुए हैं 'कौन'
पूछा किए कि क्या यही हिन्दोस्तान है

बौने से शख्स ने कहा यूं आसमान से
आती है अंग्रेजी उसे, वो आसमान है

रिश्तों की नजाकत यहां पर खत्म हो गई
हर शख्स इस बाजार में बस इक सामान है

हंस कर कहा मैकाले ने, कल हमसे जब मिला
तलवार तुम्हारी है, पर किसकी म्यान है

- अनिल जोशी
  उपाध्यक्ष, केंद्रीय हिंदी शिक्षण मंडल
  शिक्षा मंत्रालय, भारत

 

Back
 

सब्स्क्रिप्शन

सर्वेक्षण

भारत-दर्शन का नया रूप-रंग आपको कैसा लगा?

अच्छा लगा
अच्छा नही लगा
पता नहीं
आप किस देश से हैं?

यहाँ क्लिक करके परिणाम देखें

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें