समस्त भारतीय भाषाओं के लिए यदि कोई एक लिपि आवश्यक हो तो वह देवनागरी ही हो सकती है। - (जस्टिस) कृष्णस्वामी अय्यर

Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन


Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन
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  1. मधुर प्रतीक्षा ही जब इतनी, प्रिय तुम आते तब क्या होता?

    A poem by Harivansh Rai Bachchan. मधुर प्रतीक्षा ही जब इतनी, प्रिय तुम आते तब क्या होता? - हरिवंशराय बच्चन की कविता

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  2. हिन्दी

    हिन्दी - गौरी शंकर वैद्य ‘विनम्र’ की कविता.

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  3. राष्ट्रीय गीत | National Song

    राष्ट्रीय गीत (National Song of India) वन्‍दे मातरम गीत बंकिम चन्‍द्र चटर्जी द्वारा संस्‍कृत में रचा गया है; यह स्‍वतंत्रता की लड़ाई में लोगों के लिए …

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  4. आज़ादी

    शेरों को आज़ादी है, आज़ादी के पाबंद रहें - हफ़ीज़ जालंधरी के ज़ब्तशुदा तराने. आज़ादी की लड़ाई के ज़ब्तशुदा तराने.

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  5. पुष्प की अभिलाषा | कविता

    पुष्प की अभिलाषा - माखनलाल चतुर्वेदी (Makhanlal Chaturvedi)की देशभक्ति से ओतप्रोत कविता। जिसमें पुष्प कहता है - चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथ…

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  6. तोड़ती पत्थर | कविता | सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

    सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविताएं। यहां प्रस्तुत है निराला की कविता, 'प्राप्ति'।

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  7. प्राप्ति | कविता | सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

    सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविताएं। यहां प्रस्तुत है निराला की कविता, 'प्राप्ति'।

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  8. वीर | कविता

    वीर - रामधारी सिंह दिनकर की कविता। Veer - Hindi Poem by Ramdhari Singh Dinkar

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  9. गुणगान

    गुणगान - मैथिलीशरण गुप्त की कविता. A poem by Mathilishran Gupt, 'Gungaan'.

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  10. अर्जुन की प्रतिज्ञा

    मैथिलीशरण गुप्त की कविता। अर्जुन की प्रतिज्ञा ( Arjun Ki Pratigya) - मैथिलीशरण गुप्त ( Maithilisharan Gupt). उस काल मारे क्रोध के तन काँपने उसका लगा,…

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  11. मातृभाषा प्रेम पर भारतेंदु के दोहे

    निज भाषा उन्नति अहै - भारतेंदु हरिश्चंद्र का हिन्दी काव्य। मातृभाषा प्रेम पर दोहे। निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल/बिनु निज भाषा-ज्ञान के, मिटत …

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