राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। - महात्मा गाँधी।

कविता (Hindi Poetry & Poems)

HINDI POETRY : 1743


हिंदी कविता और काव्य संग्रह - भारत दर्शन साहित्य

गिरमिट के समय

गिरमिट के समय - फीज़ी के बंधुआ मज़दूरों पर कमला प्रसाद मिश्र की मार्मिक कविता। Girmit Ke Samay - Hindi poem dedicated to indentured labourers from Ind…

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सात सागर पार

सात सागर पार - फीज़ी की व्यथा-कथा कहती फीज़ी के कवि जोगिन्द्र सिंह कंवल की कविता। Hindi poem by Fiji poet Joginder Singh Kanwal

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आओ ! आओ ! भारतवासी ।

आओ ! आओ ! भारतवासी । प्रथम हिन्दी साहित्य सम्मेलन 10 अक्टूबर 1910 को बाबू जगन्नाथ बी० ए० द्वारा लिखा गया गीत जो सम्मेलन में स्कूल के विद्यार्थियों न…

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कभी गिरमिट की आई गुलामी

कभी गिरमिट की आई गुलामी - 2000 के तख्तापलट के समय लिखी गई जोगिन्द्र सिंह कंवल की कविता। A Hindi poem on Fiji during 2000 Fiji Coup by Kanwal Singh Kan…

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भारतीय | फीज़ी पर कविता

भारतीय - फीज़ी पर जोगिन्द्र सिंह कंवल की कविता | Bharatiya - Poem by Joginder Singh Kanwal Fij.

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प्रदीप मिश्र की चार कवितायें

प्रदीप मिश्र चार कवितायें - प्रदीप मिश्र परमाणु ऊर्जा विभाग के राजा रामान्ना प्रगत प्रौद्योगिकी केन्द्र, इन्दौर में वैज्ञानिक अधिकारी के पद पर कार्यरत…

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उजड़ा चमन सा वतन देखता हूँ

उजड़ा चमन सा वतन देखता हूँ - उत्कर्ष त्रिपाठी की रचना। A Hindi poem by Utkarsh Tripathi

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सीखा पशुओं से | व्यंग्य कविता

सीखा पशुओं से - गोपालप्रसाद व्यास की हास्य-व्यंग्य कविता। A poem (Hasya Kavita) by Gopal Prasad Vyas

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राकेश पांडेय की कवितायें

राकेश पांडेय की कवितायें। Hindi poems by  Rakesh Pandey.

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ताजमहल

ताजमहल - कमला प्रसाद मिश्र, फीजी के राष्ट्र कवि की कविता। कमला प्रसाद मिश्र फीज़ी के हिंदी कवि थे जिनकी रचनायें भारत के मुख्य पत्र-पत्रिकाओं में प्रका…

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मेरी कविता

मेरी कविता - कमला प्रसाद मिश्र (फीजी के राष्ट्रीय कवि)की कविता। A Hindi poem by Kamla Prasad Mishra, Rashtra Kavi of Fiji

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खड़ा हिमालय बता रहा है

खड़ा हिमालय बता रहा है - सोहनलाल द्विवेदी की कविता। Khada Himalaya Bata Raha Hai- An Inspirational Poem in Hindi by Sohanlal Dwivedi.

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मलूकदास के दोहे

मलूकदास के दोहे. Dohe by Malukadasa

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नीति के दोहे

कबीर, तुलसी व रहीम के नीति के दोहे

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सामने गुलशन नज़र आया | ग़ज़ल

सामने गुलशन नज़र आया - डॉ सुधेश की ग़ज़ल।

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मैंने लिखा कुछ भी नहीं | ग़ज़ल

मैंने लिखा कुछ भी नहीं - डॉ सुधेश की ग़ज़ल।

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डॉ सुधेश की ग़ज़लें

डॉ सुधेश दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिन्दी के प्रोफ़ेसर पद से सेवानिवृत्त हैं। आप हिंदी में विभिन्न विधाओ में सृजन करते हैं। यहाँ आपकी…

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सागर के वक्ष पर

सागर के वक्ष पर - स्वामी विवेकानंद की कविता। On the Seas Bosom - poem by Swami Vivekananda

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काली माता

काली माता - स्वामी विवेकानंद की कविता। Kali the Mother - poem by Swami Vivekananda

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स्वामी विवेकानंद की कविताएं

स्वामी विवेकानंद की कविताएं - स्वामी विवेकानन्द की चयनित कविताओं का संकलन। Selected Poems - Swami Vivekananda.

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मुक्ता

मुक्ता - सोहनलाल द्विवेदी की राष्ट्र जागरण पर कविता।

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उर्मिला

उर्मिला - राजेश्वर वशिष्ठ की कविता। Urmila - Hindi poem by Rajeshwar Vashishtha

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कब लोगे अवतार हमारी धरती पर

कब लोगे अवतार हमारी धरती पर - रोहित कुमार हैप्पी की कविता। Hindi poem by Rohit Kumar Happy

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देवेन्द्र कुमार मिश्रा की कविताएं

देवेन्द्र कुमार मिश्रा की कविताएं

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छोटे गीत

चन्द्रकुँवर बर्त्वाल के छोटे गीत।

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बापू, तुम मुर्गी खाते यदि | कविता | सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविताएं। यहां प्रस्तुत है निराला की कविता, बापू, तुम मुर्गी खाते यदि. Nirala was dare enough. He has written a satirical …

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मनोदशा

कैलाश कल्पित का गीत, 'मनोदशा'.

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ओ उन्मुक्त गगन के पाखी

ओ उन्मुक्त गगन के पाखी - मंजुल भटनागर की कविता. Hindi poems by Manjul Bhatnagar

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अभिशाप का वरदान

कैलाश कल्पित का गीत, 'अभिशाप का वरदान'.

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मंजुल भटनागर की कविताएं

मंजुल भटनागर की कविताएं. Poems by Manjul Bhatnagar

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