राष्ट्रभाषा के बिना राष्ट्र गूँगा है। - महात्मा गाँधी।
तुलसी की चौपाइयां
मानस जीवन जीने का तरीका सिखाती है ऎसे में मानस का प्रचार प्रसार करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मानस गोस्वामी तुलसीदास की एक ऎसी रचना है जिसक…
पूरी कविता पढ़ेंमीरा के पद - Meera Ke Pad
म्हारां दरद न जाण्यां कोय - मीरा के पद. Mhara dard naa jane koye - Meera Ke Pad.
पूरी कविता पढ़ेंसूर के पद | Sur Ke Pad
सूरदास के पद - इस पृष्ठ के अंतर्गत सूर के पदों का संकलन यहाँ उपलब्ध करवाया जा रहा है। कृष्ण भक्त कवि सूरदास को वात्सल्य सम्राठ कहा जाता है। भक्त सूरदा…
पूरी कविता पढ़ें