राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। - अवनींद्रकुमार विद्यालंकार

Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन


Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन
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  1. वतन का राग

    वतन का राग - अफ़सर मेरठी की नज़्म। सारे जग के पहाड़ों में बेमिस्ल पहाड हिमाला है/पर्बत सब से ऊंचा है, यह पर्वत सबसे निराला है/भारत की रक्षा करता है, भ…

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  2. एक पगले नास्तिक की प्रार्थना 

    एक पगले नास्तिक की प्रार्थना  - राजेश्वर वशिष्ठ की कविता।  मुझे क्षमा करना ईश्वर / मुझे नहीं मालूम कि तुम हो या नहीं / कितने ही धर्मग्रंथों में / कितन…

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  3. कटी पतंग

    कटी पतंग -डॉ मृदुल कीर्ति की कविता। पतंग की किस्मत है / कभी कट जाना / कभी लुट जाना / कभी उलझ जाना / कभी नुच जाना / कभी बच जाना / कभी छिन जाना / कभी सू…

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  4. वो बचा रहा है गिरा के जो

    वो बचा रहा है गिरा के जो, वो अज़ीज़ है या रक़ीब है / न समझ सका उसे आज तक, कि वो कौन है जो अजीब है - निज़ाम-फतेहपुरी की ग़ज़ल। Ghazal by Nizam Fatehpur…

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  5. सोचो

    सोचो यदि हम मानव हैं तो दानव किसको कहते हैं - राजीव कुमार सिंह का एक गीत।

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  6. भजन संकलन

    भजन संकलन - भारतीय संगीत के मुख्य रूप से तीन भेद हैं-- शास्त्रीय संगीत, सुगम संगीत और लोक संगीत। भजन सुगम संगीत की एक शैली है। इसका आधार शास्त्रीय संग…

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  7. देश-विदेश के हिंदी हाइकु

    देश-विदेश के हिंदी हाइकु - 9 मई 2021 को मनुमुक्त 'मानव' ट्रस्ट द्वारा आयोजित ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय हाइकु-सम्मेलन में पढ़े गए कुछ हाइकु।

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  8. चाह

    चाह - श्रीमन्नारायण अग्रवाल का रोटी का राग।

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  9. इस महामारी में

    इस महामारी में - कोरोना काल पर डॉ. मनीष कुमार मिश्रा की कविता। Hindi Poem on Corona by Manish Mishra.

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  10. सड़कों पे ढले साये | कविता

    सड़कों पे ढले साये - उपेन्द्रनाथ अश्क की  कविता।   उपेन्द्रनाथ अश्क हिंदी के जाने माने साहित्यकार हैं। अश्क की कविताएं, कहानियां और उपन्यास चर्चित रह…

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  11.  निवेदन

    निवेदन - मैथिलीशरण गुप्त की कविता। राम, तुम्हें यह देश न भूले / धाम-धरा-धन जाय भले ही / यह अपना उद्देश न भूले। Hindi poem by Maithili Sharan Gupt. 

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  12. नमन करें इस देश को

    नमन करें इस देश को- सुब्रह्मण्य भारती की राष्ट्रीय कविता। सुब्रह्मण्य भारती को तमिल साहित्य में कवि भारती के नाम से जाना जाता है। इस रचना का रूपांतर न…

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  13. वंदे मातरम्‌

    वंदे मातरम्‌ - सुब्रह्मण्य भारती की राष्ट्रीय कविता। सुब्रह्मण्य भारती को तमिल साहित्य में कवि भारती के नाम से जाना जाता है। आपको तमिल साहित्य के नवोत…

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  14. सब शत्रुभाव मिट जाएँगे

    सब शत्रुभाव मिट जाएँगे - सुब्रह्मण्य भारती की राष्ट्रीय कविता। सुब्रह्मण्य भारती को तमिल साहित्य में कवि भारती के नाम से जाना जाता है। आपको तमिल साहित…

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  15. मूलमंत्र

    मूलमंत्र - द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता। केवल मन के चाहे से ही/मनचाही होती नहीं किसी की/बिना चले कब कहाँ हुई है/मंज़िल पूरी यहाँ किसी की। Mool M…

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  16. सत्य की जीत

    सत्य की जीत - द्वारिका प्रसाद माहेश्वरी की कविता। अरे ओ दुर्योधन निर्लज्ज/अभी भी यों बढ़-बढ़कर बात/बाल बाँका कर पाया नहीं/तुम्हारा वीर विश्व-विख्यात। …

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  17. मुस्कान

    मुस्कान - डॉ॰ पुष्पा भारद्वाज-वुड की कविता। Hindi poem by Dr Pushpa Bhardwaj-Wood.

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