समस्त आर्यावर्त या ठेठ हिंदुस्तान की राष्ट्र तथा शिष्ट भाषा हिंदी या हिंदुस्तानी है। -सर जार्ज ग्रियर्सन।

सड़कों पे ढले साये | कविता

सड़कों पे ढले साये  | Poem by Upendranath Ashk

सड़कों पे ढले साये 
दिन बीत गया, राहें
हम देख न उकताये! 

सड़कों पे ढले साये 
जिनको न कभी आना,
वे याद हमें आये!

सड़कों पे ढले साये
जो दुख से चिर-परिचित
कब दुख से घबराये!

-उपेन्द्रनाथ अश्क

 

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