आज सड़कों पर लिखे हैं सैंकड़ों नारे न देख | ग़ज़ल
आज सड़कों पर लिखे हैं सैंकड़ों नारे न देख - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल।
पूरी कविता पढ़ेंअँधेरे में
अँधेरे में (गजानन माधव मुक्तिबोध की कविता)1962-63 में लिखी गई और नवंबर 1964 की ‘कल्पना’ पत्रिका में प्रकाशित यह कविता पिछले पांच दशको मे में लगातार प…
पूरी कविता पढ़ेंउसे कुछ मिला, नहीं !
उसे कुछ मिला, नहीं - रोहित कुमार 'हैप्पी' की बाल-दिवस पर प्रश्न करती एक कविता। क्या मात्र भाषण, नारों और प्रदर्शनियों से समस्याओं का हल हो जाता है?
पूरी कविता पढ़ेंबाबा | हास्य कविता
बाबा - रोहित कुमार हैप्पी की हास्य कविता। Baba - Hasya Kavita by Rohit Kumar Happy
पूरी कविता पढ़ेंप्रभु या दास?
प्रभु या दास - मैथिलीशरण गुप्त की कविता. A poem by Mathilishran Gupt, 'Prabhu Ya Das'.
पूरी कविता पढ़ेंअपने अलावा भी | कविता
अपने अलावा भी - मोहन राणा की कविता. Hindi poem by Mohan Rana from UK
पूरी कविता पढ़ेंहमारे पूर्वज | भारत-भारती
हमारे पूर्वज- मैथिलीशरण गुप्त की भारत-भारती| Bharat-Bharati by Mathilishran Gupat.
पूरी कविता पढ़ेंक्या नहीं देखा | कविता
क्या नहीं देखा -मोहन राणा की कविता. Hindi poem by Mohan Rana from UK
पूरी कविता पढ़ेंहमारा उद्भव | भारत-भारती
हमारा उद्भव- मैथिलीशरण गुप्त की भारत-भारती| Bharat-Bharati by Mathilishran Gupat.
पूरी कविता पढ़ेंअपना एक देस | कविता
अपना एक देस - मोहन राणा की कविता. Hindi poem by Mohan Rana (Pravasi hindi Poet) from UK.
पूरी कविता पढ़ेंराखी की चुनौती | सुभद्रा कुमारी चौहान
राखी की चुनौती - सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता। Rakhi Ki Chunoti by Subhadra Kumari Chauhan
पूरी कविता पढ़ेंदूर खिड़की पास दिल्ली
मोहन राणा की कविता, 'दूर खिड़की पास दिल्ली'. Hindi poem by Mohan Rana from UK
पूरी कविता पढ़ेंराखी | कविता
राखी - सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता. Rakhi Poem by Subhadra Kumari Chauhan
पूरी कविता पढ़ेंकभी पत्थर कभी कांटे कभी ये रातरानी है
कभी पत्थर कभी कांटे कभी ये रातरानी है - डॉ. श्याम सखा श्याम की ग़ज़ल
पूरी कविता पढ़ेंहर कोई है मस्ती का हकदार सखा होली में
हर कोई है मस्ती का हकदार सखा होली में - डॉ. श्याम सखा श्याम की ग़ज़ल
पूरी कविता पढ़ेंमन में रहे उमंग तो समझो होली है | ग़ज़ल
मन में रहे उमंग तो समझो होली है - गिरीश पंकज की होली ग़ज़ल
पूरी कविता पढ़ेंडॉ रामनिवास मानव के हाइकु
डॉ. रामनिवास मानव हाइकु, दोहा, बालकाव्य तथा लघुकथा विधाओं के सुपरिचित राष्ट्रीय हस्ताक्षर हैं तथा विभिन्न विधाओं में लेखन करते हैं। उनके कुछ हाइकु यहा…
पूरी कविता पढ़ेंआज की होली
आज की होली - ललितकुमारसिंह 'नटवर' का गीत. Holi Geet by Lalit Kumar Singh
पूरी कविता पढ़ेंठुकरा दो या प्यार करो | सुभद्रा कुमारी चौहान की कविता
ठुकरा दो या प्यार करो - सुभद्राकुमारी चौहान की कविता. Hindi poem by Subhadrakumari Chauhan.
पूरी कविता पढ़ेंमुरझाया फूल | कविता
मुरझाया फूल - सुभद्राकुमारी चौहान की कविता. Murjhaya Phool- poem by Subhadrakumari Chauhan.
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