देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

प्रभु या दास?

बुलाता है किसे हरे हरे,
वह प्रभु है अथवा दास?
उसे आने का कष्ट न दे अरे,
जा तू ही उसके पास । 

- मैथिलीशरण गुप्त

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