संवाद | कविता
संवाद - रोहित कुमार हैप्पी की श्रमिक-दिवस पर एक मार्मिक कविता। क्या मात्र पल भर की सहानुभूति मेहनतकश का जीवन बदल सकती है? क्या हम केवल भावुक न होकर कि…
पूरी कविता पढ़ेंआत्म-दर्शन
आत्म-दर्शन - चन्द्रशेखर आजाद पर श्रीकृष्ण सरल की कविता। Ajey Senani Chandra Shekhar Aazad by Shri Krishan Saral
पूरी कविता पढ़ेंघिन तो नहीं आती है ? | कविता
बाबा नागार्जुन की कविता, 'घिन तो नहीं आती है ?'. A Hindi poems by Nagarjuna
पूरी कविता पढ़ेंश्रमिक हाइकु
श्रमिक हाइकु - श्रमिक दिवस या मई दिवस पर रोहित कुमार हैप्पी के दो हाइकु। May Day Haiku in Hindi by Rohit Kumar Happy
पूरी कविता पढ़ेंबात हम मस्ती में ऐसी कह गए | ग़ज़ल
बात हम मस्ती में ऐसी कह गए - डा राणा प्रतापसिंह गन्नौरी राणा की ग़ज़ल।
पूरी कविता पढ़ेंमाँ पर दोहे | मातृ-दिवस
माँ पर दोहे - मातृ-दिवस दोहे. Maa Dohe by Rohit Kumar Happy. Matri Diwas par Dohe
पूरी कविता पढ़ेंरैदास की साखियाँ
रैदास की साखियां - रविदास द्वारा कही हुई साखियों का संग्रह। Raidas Sakhi Collection.
पूरी कविता पढ़ेंनादानी
नादानी - डॉ ऋषिपाल भारद्धाज की कविता. Nadani - A Hindi poem by Rishipal Bhardwaj
पूरी कविता पढ़ेंसफलता
सफलता - वंदना शर्मा की कविता। अंतरआत्मा से संवाद स्थापित करती एक श्रेष्ठ कविता। A Hindi poem by Vandana Sharma.
पूरी कविता पढ़ेंदुर्योधन सा सिंहासन है मिला
दुर्योधन सा सिंहासन है मिला - प्रियांशु शेखर की कविता। A Hindi poem by Priyanshu Shekhar
पूरी कविता पढ़ेंबंदगी के सिवा ना हमें कुछ गंवारा हुआ
बंदगी के सिवा ना हमें कुछ गंवारा हुआ - रामकिशोर उपाध्याय की ग़ज़ल। A Hindi Ghazal by Ram Kishore Upadhyay
पूरी कविता पढ़ेंनारी के उद्गार
नारी के उद्गार- सुदर्शन की कविता। Nari Ke Udgaar-Hindi poem by Sudershan.
पूरी कविता पढ़ेंहमारी सभ्यता
हमारी सभ्यता - मैथिलीशरण गुप्त की भारत-भारती से। Hamari Sabhyata - Bharat-Bharati by Mathilishran Gupat
पूरी कविता पढ़ेंएक भी आँसू न कर बेकार
एक भी आँसू न कर बेकार - रामावतार त्यागी की कविता। Ramavtar Tyagi, popularly known as Tyagi was a well known Hindi poet
पूरी कविता पढ़ेंजंगल-जंगल ढूँढ रहा है | ग़ज़ल
जंगल-जंगल ढूँढ रहा है - हिंदी ग़ज़लकार विजय कुमार सिंघल की ग़ज़ल। Ghazal by Vijay Kumar Singhal from Kaithal, Haryana, India.
पूरी कविता पढ़ेंपरिंदे की बेज़ुबानी
परिंदे की बेज़ुबानी - डॉ. शम्भुनाथ तिवारी की रचना. A Hindi poem by Dr. SN Tiwari.
पूरी कविता पढ़ेंनहीं कुछ भी बताना चाहता है | ग़ज़ल
नहीं कुछ भी बताना चाहता है - डॉ. शम्भुनाथ तिवारी की ग़ज़ल. A Hindi Ghazal by Dr. SN Tiwari.
पूरी कविता पढ़ेंबिला वजह आँखों के कोर भिगोना क्या | ग़ज़ल
बिला वजह आँखों के कोर भिगोना क्या -डॉ. शम्भुनाथ तिवारी की ग़ज़ल. A Hindi Ghazal by Dr. SN Tiwari.
पूरी कविता पढ़ेंलोग क्या से क्या न जाने हो गए | ग़ज़ल
लोग क्या से क्या न जाने हो गए -डॉ. शम्भुनाथ तिवारी की ग़ज़ल. A Hindi ghazal by Dr. SN Tiwari.
पूरी कविता पढ़ेंआओ होली खेलें संग
आओ होली खेलें संग - रोहित कुमार हैप्पी की होली गीत. Aao Holi Khelen Sang - Holi Geet by Rohit Kumar Happy
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