रोहित कुमार 'हैप्पी' के दोहे
रोहित कुमार हैप्पी के दोहों का संकलन. Dohe by Rohit Kumar Happy
पूरी कविता पढ़ेंख़ून की होली जो खेली
ख़ून की होली जो खेली -यह कविता निराला जी ने 1946 के स्वाधीनता संग्राम में विद्यार्थियों के देश-प्रेम पर लिखी थी।
पूरी कविता पढ़ेंमैंने जाने गीत बिरह के
आनन्द विश्वास का गीत -मैंने जाने गीत बिरह के. A Hindi Geet (Song) by Anand Vishvas
पूरी कविता पढ़ेंसजनवा के गाँव चले
सजनवा के गाँव चले - आनन्द विश्वास का गीत. Geet (Song) by Anand Vishvas.
पूरी कविता पढ़ेंनेताजी का तुलादान
नेताजी का तुलादान - सुभाष चन्द्र बोस पर गोपाल प्रसाद व्यास की लिखी कविता। A Hindi poem on Subhash Chandra Bose by Gopal Prasad Vyas
पूरी कविता पढ़ेंखूनी हस्ताक्षर
खूनी हस्ताक्षर - सुभाष चन्द्र बोस पर गोपाल प्रसाद व्यास की लिखी वीर रस कविता। Poem on Netaji Subhash Chandra Bose by Gopal Prasad Vyas
पूरी कविता पढ़ेंअमिता शर्मा की क्षणिकाएं
अमिता शर्मा की क्षणिकाएं । Small poem (Kshanika) by Amita Sharma
पूरी कविता पढ़ेंसूर्यभानु गुप्त की तीन त्रिपदियाँ
सूर्यभानु गुप्त की तीन त्रिपदियाँ - छोटी कविताएं। Tripadi by Suryabhanu Gupt
पूरी कविता पढ़ेंहाय, न बूढ़ा मुझे कहो तुम !
हाय, न बूढ़ा मुझे कहो तुम! - गोपाल प्रसाद व्यास की कविता। Hasya Kavita by Gopal Prasad Vyas.
पूरी कविता पढ़ेंफैशन | हास्य कविता
कवि चोंच की कविता - फैशन। बद्रीप्रसाद पांडेय 'चोंच' अपने समय के चर्चित हास्य कवि थे। Fashion Hindi Hasya Kavita by Kavi Chounch.
पूरी कविता पढ़ेंविश्वनाथ प्रताप सिंह की दो क्षणिकाएँ
विश्वनाथ प्रताप सिंह की दो क्षणिकाएँ. Hindi poems by V P Singh.
पूरी कविता पढ़ेंकदम मिलाकर चलना होगा | कविता
कदम मिलाकर चलना होगा - अटल बिहारी वाजपेयी की कविता. Poem by Atal Bihari Vajpayee
पूरी कविता पढ़ेंदूध में दरार पड़ गई | कविता
दूध में दरार पड़ गई - अटल बिहारी वाजपेयी की कविता. Poem by Atal Bihari Vajpayee
पूरी कविता पढ़ेंआख़िर खुदकुशी करते हैं क्यों ?
खुदकुशी करने वालों से सवाल पूछती, रवि श्रीवास्तव की कविता - आख़िर खुदकुशी करते हैं क्यों?
पूरी कविता पढ़ेंतेरा हाल मुझसे
तेरा हाल मुझसे - माँ पर रोहित कुमार हैप्पी की ग़ज़ल। मातृ-दिवस पर माँ को सादर समर्पित एक ग़ज़ल।
पूरी कविता पढ़ेंप्रतिपल घूंट लहू के पीना | ग़ज़ल
प्रतिपल घूंट लहू के पीना - डा. राणा प्रताप सिंह राणा गन्नौरी की ग़ज़ल।
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