हिंदी काव्य

HINDI POETRY : 1743

हिंदी काव्य भावनाओं, विचारों और अनुभवों को शब्दों के माध्यम से जीवंत करता है। यहाँ आपको प्रेम, दर्द, प्रकृति और जीवन के गहन संदेशों को समेटे हुए कविताएँ मिलेंगी। हमारा संग्रह हिंदी साहित्य के महान कवियों की रचनाओं से लेकर नवोदित कवियों की ताज़ा अभिव्यक्तियों तक को समेटे हुए है। हिंदी काव्य की इस मधुर दुनिया में आपका स्वागत है!

अधिकार | कविता

अधिकार - महादेवी वर्मा की कविता। Adhikaar - a poem by Mahadevi Verma.

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जो तुम आ जाते एक बार | कविता

तुम आ जाते एक बार, कविता. 'Jo Tum Aa Jate ek Baar', a poem by Mahadevi Verma.

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उसे यह फ़िक्र है हरदम

उसे यह फ़िक्र है हरदम. Poetry by Bhagat Singh

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वीर | कविता

वीर - रामधारी सिंह दिनकर की कविता। Veer - Hindi Poem by Ramdhari Singh Dinkar

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कलम, आज उनकी जय बोल | कविता

कलम, आज उनकी जय बोल - रामधारी सिंह दिनकर की कविता। Klam, Aaj Unki Jai Bol - Poem by Ramdhari Singh Dinkar.

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गुणगान

गुणगान - मैथिलीशरण गुप्त की कविता. A poem by Mathilishran Gupt, 'Gungaan'.

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अर्जुन की प्रतिज्ञा

मैथिलीशरण गुप्त की कविता। अर्जुन की प्रतिज्ञा ( Arjun Ki Pratigya) - मैथिलीशरण गुप्त ( Maithilisharan Gupt). उस काल मारे क्रोध के तन काँपने उसका लगा, मानों हवा के वेग से सोता हुआ सागर जगा ।

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यक्ष प्रश्न - अटल बिहारी वाजपेयी की कविता

यक्ष प्रश्न - अटल बिहारी वाजपेयी की कविता| Yaksha Prashan- Atal Bihari Vajpayee's Poem.

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मातृभाषा प्रेम पर भारतेंदु के दोहे

निज भाषा उन्नति अहै - भारतेंदु हरिश्चंद्र का हिन्दी काव्य। मातृभाषा प्रेम पर दोहे। निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल/बिनु निज भाषा-ज्ञान के, मिटत न हिय को सूल। Matribhasha Dohe by Bhartendu.

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गले मुझको लगा लो | ग़ज़ल

गले मुझको लगा लो ए दिलदार होली में - भारतेन्दु हरिश्चन्द्र की ग़ज़ल। Ghazal by Bharatendu Harishchandra

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मेरा धन है स्वाधीन कलम

गोपाल सिंह नेपाली की कविता 'मेरा धन है स्वाधीन कलम'. Poem by Gopal Singh Nepali.

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कवि की बरसगाँठ

गोपाल सिंह नेपाली की कविता 'कवि की बरसगाँठ'. Poem by Gopal Singh Nepali, 'Kavi Ki Brasganth'.

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स्वतंत्रता का दीपक

गोपाल सिंह नेपाली की कविता 'स्वतंत्रता का दीपक'. Poem by Gopal Singh Nepali

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नर हो न निराश करो मन को

नर हो न निराश करो मन को - मैथिलीशरण गुप्त की कविता. Nar Ho Na Nirash Karo Man Ko- Hindi poem by Mathilishran Gupt, .

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एक ऐसी भी घड़ी आती है | ग़ज़ल

<p>एक ऐसी भी घड़ी आती है - रोहित कुमार हैप्पी की ग़ज़ल. Ghazal by Rohit Kumar Happy</p>

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जितना कम सामान रहेगा | नीरज का गीत

जितना कम सामान रहेगा - नीरज का गीत। Hindi Geet by Neeraj

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अब तो मजहब कोई | नीरज के गीत

अब तो मजहब कोई.. नीरज का गीत।

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खूनी पर्चा

मार्च 1928 में गणेश शंकर विद्यार्थी के आग्रह पर इस खूनी पर्चे की रचना हुई। पोस्टर के रूप में यह पूरे देश में बंटा। अँग्रेज़ी शासन के अंत तक इसके रचयिता का पता न लगा सका।

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गोपालदास नीरज के गीत | जलाओ दीये | Neeraj Ke Geet

जलाओ दीये - नीरज का गीत । Jalao Diye...Neeraj Ka Geet.

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कर्मवीर

'Karmveer' a classic Hindi poem written by Ayodhya Singh Upadhyaya 'Hariaudh'. अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’की कविता, 'कर्मवीर'।

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संत दादू दयाल के पद

Sant Dadu Ke Pad. संत दादू दयाल के पद

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रैदास के पद

रैदास के पद. Ravidas Ke Pad.

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दोहे | रसखान के दोहे

Raskhan is well known Brij bhasha Kavi (Poet).

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रसखान की पदावलियाँ | Raskhan Padawali

रसखान की पदावलियाँ - Raskhan Padawali.

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खुद ही बनाया और बिगाड़ा तकदीरों को

A Hindi Ghazal by Rohit Kumar 'Happy'. रोहित कुमार 'हैप्पी' की ग़ज़ल, 'खुद ही बनाया और बिगाड़ा तकदीरों को - मैं मानता नहीं हाथ की लकीरों को।'

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साँप

अज्ञेय की कविता,साँप| Snake - Hindi poem by Agyeya.

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भजन

'पथ से भटक गया था राम', रोहित कुमार 'हैप्पी' का भजन। हिंदी भजन। A Hindi Bhajan by Rohit Kumar 'Happy'.

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फूल और काँटा | Phool Aur Kanta

फूल और काँटा, Phool Aur Kanta - poetry by Ayodhya Singh Upadhyaya 'Hariaudh.'

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एक बूँद

Best poems of Ayodhya Singh Hariaudh.

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सुखी आदमी

सुखी आदमी - केदारनाथ सिंह की कविता। A poem by Kedarnath Singh.

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रोहित कुमार 'हैप्पी' की ग़ज़लें

ग़ज़ल - रोहित कुमार 'हैप्पी', Ghazal - Rohit Kumar 'Happy'

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मन न भए दस-बीस - सूरदास के पद

सूरदास के पद - मन न भए दस-बीस,

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बिहारी के दोहे | Bihari's Couplets

बिहारी के दोहे - रीति काल के कवियों में बिहारी सर्वोपरि माने जाते हैं। सतसई की बिहारी प्रमुख रचना हैं।

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राष्ट्रीय गान

राष्ट्र-गान (National Anthem) संवैधानिक तौर पर मान्य होता है और इसे संवैधानिक विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं। रबींद्रनाथ टैगोर द्वारा रचित, 'जन-गण-मन' हमारे देश भारत का राष्ट्र-गान है। किसी भी देश में राष्ट्र-गान का गाया जाना अनिवार्य हो सकता है और उसके असम्मान या अवहेलना पर दंड का विधान भी हो सकता है। भारत के सर्वोच्च न्यायालय के अनुसार यदि कोई व्यक्ति राष्ट्र गान के अवसर पर इसमें सम्मिलित न होकर, केवल आदरपूर्वक मौन खड़ा रहता है तो उसे अवहेलना नहीं कहा जा सकता। भारत में धर्म इत्यादि के आधार पर लोगों को ऐसी छूट दी गई है।

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जितना कम सामान रहेगा

जितना कम सामान रहेगा- नीरज के गीत.

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यह दिया बुझे नहीं

यह दिया बुझे नहीं - गोपाल सिंह नेपाली की कविता। Hindi poem by Gopal Singh Nepali.

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ख़ूनी हस्ताक्षर

ख़ूनी हस्ताक्षर, Khooni Hastakshar

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माँ कह एक कहानी

माँ कह एक कहानी - मैथिलीशरण गुप्त की कविता। Maa Kah Ek Kahani - Hindi poem by mathilishran Gupt.

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भिक्षुक | कविता | सूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला'

भिक्षुक - सूर्यकांत त्रिपाठी निराला की कविता। Bhikshuk - poem by Nirala.

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मंज़िलों की खोज में तुमको जो चलता सा लगा

संजय ग्रोवर की ग़ज़लें. Ghazals by Sanjay Grover.

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तुलसी की चौपाइयां

मानस जीवन जीने का तरीका सिखाती है ऎसे में मानस का प्रचार प्रसार करना आज के समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। मानस गोस्वामी तुलसीदास की एक ऎसी रचना है जिसकी एक-एक चौपाई आज मंत्र बन चुकी है। यदि व्यक्ति रामायण की चौपाईयो को जीवन का मूलमंत्र बना ले तो उसकी सफलता को कोई नहीं रोक सकता।

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मीरा के पद - Meera Ke Pad

म्हारां दरद न जाण्यां कोय - मीरा के पद. Mhara dard naa jane koye - Meera Ke Pad.

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मीरा के पद - Meera Ke Pad

म्हारां दरद न जाण्यां कोय - मीरा के पद. Mhara dard naa jane koye - Meera Ke Pad.

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