विदेशी भाषा का किसी स्वतंत्र राष्ट्र के राजकाज और शिक्षा की भाषा होना सांस्कृतिक दासता है। - वाल्टर चेनिंग

रोहित कुमार 'हैप्पी' के दोहे

रोहित कुमार हैप्पी के दोहे | Dohe by Rohit Kumar Happy

रोहित कुमार 'हैप्पी' के दोहों का संकलन।

दोहा, मात्रिक अर्द्धसम छंद है। दोहे के चार चरण होते हैं। इसके विषम चरणों (प्रथम तथा तृतीय) में 13-13 मात्राएँ और सम चरणों (द्वितीय तथा चतुर्थ) में 11-11 मात्राएँ होती हैं। विषम चरणों के आदि में जगण (। ऽ।) नहीं होना चाहिए। सम चरणों के अंत में एक गुरु और एक लघु मात्रा होना आवश्यक माना गया है।

 

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