विदेशी भाषा का किसी स्वतंत्र राष्ट्र के राजकाज और शिक्षा की भाषा होना सांस्कृतिक दासता है। - वाल्टर चेनिंग

अंबर दीप जलाता है (काव्य)

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Author: डॉ कुमारी स्मिता

दिन भर चलते-चलते थककर
सूरज जब छुप जाता है 
रात की काली चादर पर 
अंबर दीप जलाता है। 

जगमग करते असंख्य तारे
हाथ पकड़कर आते हैं
आंखमिचौली करते छत पर
कभी दिखते, कभी छुप जाते हैं।

राह कोई भी चलें हम
पथ-प्रदर्शन  करते हैं,
नैसर्गिक सौंदर्य लिए
आसमान पर खिलते हैं। 

-डॉ कुमारी स्मिता
 भारत

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