
मिलन
पूछा–
सागर में गिरती नदी से
कैसे पाई मिलन अवस्था?
बोली–
बल खाती
विषम राहों से गुज़री
पत्थरों की लगी ठोकरें
उम्र गुज़ारी वियोग में
तब
सागर ने गले लगाया
भेद मिटाया
शिनाख़्त
खोज करते करते
धरतियों की
ग्रहों की
आदमी से आदमी
हो रहा है
लापता!
समय
इससे पहले कि
तिड़के कुंभ में से
आख़िरी बूँद भी
रिस जाए
आ
किसी प्यासे की
प्यास बुझाएँ
-तरिंदर कौर
परिचय
नाम : तरिंदर कौर
जन्म दिवस : 18.4.78
पिता का नाम : स्वर्गीय श्री एस. जनरैल सिंह
आपका वर्तमान पता : सी-2/208, पहली मंज़िल, जनकपुरी, नई दिल्ली - 110058
दूरभाष नंबर : 9871115453
प्रकाशित कुल पुस्तकें : 3
आपको मिले प्रमुख तीन पुरस्कार :
बिहार सरकार द्वारा गुरु गोविंद सिंह जयंती का संचालन
दिल्ली सरकार द्वारा महफिल-ए-गंगोजमन
डॉ. हरभजन सिंह पुरस्कार
व्यवसाय/ आजीविका व पद : अध्यापिका (पंजाबी)