साहित्य का स्रोत जनता का जीवन है। - गणेशशंकर विद्यार्थी।

साहित्य (काव्य)

Print this

Author: प्रताप नारायण मिश्र

जहाँ न हित-उपदेश कुछ, सो कैसा साहित्य?
हो प्रकाश से रहित तो, कौन कहे आदित्य?

- प्रताप नारायण मिश्र [24 सितम्बर, 1856 - 6 जुलाई, 1894]
आधुनिक हिंदी निर्माताओं में से एक थे। आप लेखक, कवि और पत्रकार थे।

Back

 
Post Comment
 
 
 
 
 

सब्स्क्रिप्शन

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें