राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। - अवनींद्रकुमार विद्यालंकार

Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन


Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन
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  1. कवि आज सुना वह गान रे

    कवि आज सुना वह गान रे - यह कविता अटल जी के छात्र जीवन की रचना है। अटल बिहारी वाजपेयी की यह कविता ग्वालियर के विक्टोरिया कॉलेजिएट हाई स्कूल की कॉलेज पत…

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  2. स्वतंत्रता दिवस

    स्वतंत्रता दिवस -आज से आजाद अपना देश फिर से! हरिवंशराय बच्चन की कविता। Aaj Se Azad Apna desh Phir Se - Hindi poem by Harivansh Rai Bachchan

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  3. नेता

    नेता - रामधारी सिंह दिनकर की कविता। Neta - Hindi Poem by Ramdahari Singh Dinkar.

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  4. मीठी लोरी

    मीठी लोरी - डाक्टर सईद अहमद साहब 'सईद' बरेलवी। निसंदेह आज लोरियाँ प्रचलन में नहीं रहीं, लेकिन उनकी मिठास आज भी यादों में जीवित है।

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  5. कलयुग के ब्रह्म-ऋषि

    कलयुग के ब्रह्म-ऋषि : बालेश्वर लिखी यह कविता बी एल गौड़ ने लिखी थी। अन्तर्राष्ट्रीय सहयोग परिषद् के भूतपूर्व उपाध्यक्ष, बी एल गौड़ की यह कविता स्व ब…

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  6. सफाई

    सफाई - डॉ॰ पुष्पा भारद्वाज-वुड की कविता। Hindi poem by Dr Pushpa Bhardwaj-Wood.

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  7. फ़र्क़

    फ़र्क़ - आलोकधन्वा की कविता। अलोक धन्वा हिंदी के उन बड़े कवियों में से एक हैं, जिन्होंने 70 के दशक में कविता को अलग पहचान दी। Hindi poem by Alok Dhanw…

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  8. मातृ-मन्दिर

    मातृ-मन्दिर : राष्ट्रकवि, मैथिली शरण गुप्त ने बाबू शिवप्रसाद गुप्त द्वारा निर्मित भारत माता मंदिर के उद्घाटन पर मातृ-मन्दिर कविता लिखी थी, यह रचना मंद…

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  9. देश की ख़ातिर

    देश की ख़ातिर -यह कविता पं० रामप्रसाद 'बिस्मिल' ने शाहजहांपुर में 'भारत दुर्दशा नाटक' में गाई थी, तब जनता की आँखों से पानी बहने लगा था, पण्डितजी को एक…

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  10. हे मातृभूमि

    हे मातृभूमि - शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की स्वरचित रचना। Hey Matribhoomi - Hindi Poems By Ram Prasad Bismil.

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  11. ऐ मातृभूमि

    ऐ मातृभूमि - शहीद रामप्रसाद बिस्मिल की स्वरचित रचना। Hindi Poems By Ram Prasad Bismil.

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  12. मज़दूर

    मज़दूर - गुलज़ार की यह रचना कोरोना महामारी के दौरान मज़दूरों के हालात पर लिखी गई है। ये हालात भारत-पकिस्तान के बटवारे की याद दिलाते हैं। In search of …

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  13. महामारी लगी थी

    महामारी लगी थी - गुलज़ार की यह रचना कोरोना महामारी पर लिखी गई है लेकिन इसने जो हालात पैदा कर दिए वे भारत-पकिस्तान के बटवारे की याद दिलाते हैं। In sear…

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  14. अंततः

    अंततः - जयप्रकाश मानस की कविता। Hindi poem by Jaipraksh Manas.

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