वसन्त आया
वसन्त आया. A poem by Suryakant Tripathi Nirala
कविता पढ़ेंवसन्त आया. A poem by Suryakant Tripathi Nirala
कविता पढ़ेंभगतसिंह पर राजगोपाल सिंह की कविता.
कविता पढ़ेंझांसी की रानी - सुभद्राकुमारी चौहान की कविता. Jhansi Ki Rani - A poem by Subhadrakumari Chauhan.
कविता पढ़ेंआह्वान - अशफ़ाक उल्ला खाँ
कविता पढ़ेंपुष्प की अभिलाषा - माखनलाल चतुर्वेदी (Makhanlal Chaturvedi)की देशभक्ति से ओतप्रोत कविता। जिसमें पुष्प कहता है - चाह नहीं मैं सुरबाला के गहनों में गूँथ…
कविता पढ़ेंसूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविताएं। यहां प्रस्तुत है निराला की कविता, 'प्राप्ति'।
कविता पढ़ेंसूर्यकांत त्रिपाठी 'निराला' की कविताएं। यहां प्रस्तुत है निराला की कविता, 'प्राप्ति'।
कविता पढ़ें'यह कवि अपराजेय निराला' - राम विलास शर्मा की निराला पर लिखी कविता
कविता पढ़ेंमैं नीर भरी दुःख की बदली - कविता. Mai neer bhari dukh Ki badli - a poem by Mahadevi Verma.
कविता पढ़ेंअधिकार - महादेवी वर्मा की कविता। Adhikaar - a poem by Mahadevi Verma.
कविता पढ़ेंतुम आ जाते एक बार, कविता. 'Jo Tum Aa Jate ek Baar', a poem by Mahadevi Verma.
कविता पढ़ेंवीर - रामधारी सिंह दिनकर की कविता। Veer - Hindi Poem by Ramdhari Singh Dinkar
कविता पढ़ेंकलम, आज उनकी जय बोल - रामधारी सिंह दिनकर की कविता। Klam, Aaj Unki Jai Bol - Poem by Ramdhari Singh Dinkar.
कविता पढ़ेंगुणगान - मैथिलीशरण गुप्त की कविता. A poem by Mathilishran Gupt, 'Gungaan'.
कविता पढ़ेंमैथिलीशरण गुप्त की कविता। अर्जुन की प्रतिज्ञा ( Arjun Ki Pratigya) - मैथिलीशरण गुप्त ( Maithilisharan Gupt). उस काल मारे क्रोध के तन काँपने उसका लगा,…
कविता पढ़ेंयक्ष प्रश्न - अटल बिहारी वाजपेयी की कविता| Yaksha Prashan- Atal Bihari Vajpayee's Poem.
कविता पढ़ेंनिज भाषा उन्नति अहै - भारतेंदु हरिश्चंद्र का हिन्दी काव्य। मातृभाषा प्रेम पर दोहे। निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल/बिनु निज भाषा-ज्ञान के, मिटत …
कविता पढ़ेंगोपाल सिंह नेपाली की कविता 'मेरा धन है स्वाधीन कलम'. Poem by Gopal Singh Nepali.
कविता पढ़ेंगोपाल सिंह नेपाली की कविता 'कवि की बरसगाँठ'. Poem by Gopal Singh Nepali, 'Kavi Ki Brasganth'.
कविता पढ़ेंगोपाल सिंह नेपाली की कविता 'स्वतंत्रता का दीपक'. Poem by Gopal Singh Nepali
कविता पढ़ेंनर हो न निराश करो मन को - मैथिलीशरण गुप्त की कविता. Nar Ho Na Nirash Karo Man Ko- Hindi poem by Mathilishran Gupt, .
कविता पढ़ेंमार्च 1928 में गणेश शंकर विद्यार्थी के आग्रह पर इस खूनी पर्चे की रचना हुई। पोस्टर के रूप में यह पूरे देश में बंटा। अँग्रेज़ी शासन के अंत तक इसके रचयिता…
कविता पढ़ें'Karmveer' a classic Hindi poem written by Ayodhya Singh Upadhyaya 'Hariaudh'. अयोध्या सिंह उपाध्याय ‘हरिऔध’की कविता, 'कर्मवीर'।
कविता पढ़ेंअज्ञेय की कविता,साँप| Snake - Hindi poem by Agyeya.
कविता पढ़ेंफूल और काँटा, Phool Aur Kanta - poetry by Ayodhya Singh Upadhyaya 'Hariaudh.'
कविता पढ़ेंBest poems of Ayodhya Singh Hariaudh.
कविता पढ़ेंसुखी आदमी - केदारनाथ सिंह की कविता। A poem by Kedarnath Singh.
कविता पढ़ेंयह दिया बुझे नहीं - गोपाल सिंह नेपाली की कविता। Hindi poem by Gopal Singh Nepali.
कविता पढ़ेंख़ूनी हस्ताक्षर, Khooni Hastakshar
कविता पढ़ेंमाँ कह एक कहानी - मैथिलीशरण गुप्त की कविता। Maa Kah Ek Kahani - Hindi poem by mathilishran Gupt.
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