देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

सफाई

पूछा हमसे किसी ने
तुम्हें अपनी सफाई में कुछ कहना है?
हमने भी इस प्रश्न पर कुछ गहराई से विचार किया।
नतीजा यही निकला कि
जब सफाई देने की ही नौबत आ गई
तो
फिर कहने या ना कहने से भी क्या फर्क पड़ता है?

--डा॰ पुष्पा भारद्वाज-वुड

 

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