दीवारों-दर थे... | ग़ज़ल
दीवारों-दर थे, छत थी - देवी नागरानी की ग़ज़ल। Ghazal by Devi Nagrani.
कविता पढ़ेंदीवारों-दर थे, छत थी - देवी नागरानी की ग़ज़ल। Ghazal by Devi Nagrani.
कविता पढ़ेंकहाँ तो तय था चराग़ाँ - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल। Hindi Ghazals by Dushyant Kumar.
कविता पढ़ेंअब अँधेरों से लिपटकर - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंकिसी की आँख में आँसू - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंयूँ जीना आसान नहीं है - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंकभी तुम दूर जाते हो - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंलम्हा इक छोटा सा फिर - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंकिसी के आँसुओं पर - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंबीता मेरे साथ जो अब तक - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंझरे हों फूल गर पहले - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंफिर नये मौसम की - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंसूनापन रातों का - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंकैसे मंज़र सामने आने लगे हैं - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल। Kaise Manzar Saamne Aane Lage Hain - Ghazal by Dushyant Kumar.
कविता पढ़ेंये जो शहतीर है- दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल। इसी ग़ज़ल का एक प्रसिद्ध शेर है - कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो। इस शेर क…
कविता पढ़ेंतुम्हारे पाँव के नीचे - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dushyant Kumar.
कविता पढ़ेंप्रेम देश का ढूंढ रहे हो गद्दारों के बीच - डॉ राणा प्रताप सिंह 'राणा' गन्नौरी की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Rana Pratap Singh Rana Ganauri.
कविता पढ़ेंबड़ी नाज़ुक है डोरी साँस की यह - डॉ राणा प्रताप सिंह 'राणा' गन्नौरी की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Rana Pratap Singh Rana Ganauri
कविता पढ़ेंजबसे लिबासे-शब्द मिले दर्द को मेरे - दीपशिखा सागर की ग़ज़ल.
कविता पढ़ेंसामने आईने के जाओगे - डॉ राणा प्रतापसिंह ‘राणा' गन्नौरी की ग़ज़ल. Ghazal by Dr Rana Pratap Singh Rana Ganauri
कविता पढ़ेंये सारा जिस्म झुककर - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल. Hindi Ghazal by Dushyant Kumar.
कविता पढ़ेंसामने गुलशन नज़र आया - डॉ सुधेश की ग़ज़ल।
कविता पढ़ेंमैंने लिखा कुछ भी नहीं - डॉ सुधेश की ग़ज़ल।
कविता पढ़ेंडॉ सुधेश दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिन्दी के प्रोफ़ेसर पद से सेवानिवृत्त हैं। आप हिंदी में विभिन्न विधाओ में सृजन करते हैं। यहाँ आपकी…
कविता पढ़ेंबात हम मस्ती में ऐसी कह गए - डा राणा प्रतापसिंह गन्नौरी राणा की ग़ज़ल।
कविता पढ़ेंप्रतिपल घूंट लहू के पीना - डा. राणा प्रताप सिंह राणा गन्नौरी की ग़ज़ल।
कविता पढ़ेंआज सड़कों पर लिखे हैं सैंकड़ों नारे न देख - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल।
कविता पढ़ेंMain Jise Odhta Bichhata Hun - Hindi Ghazal by Dushyant Kumar. मैं जिसे ओढ़ता -बिछाता हूँ - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल.
कविता पढ़ेंIs Nadi Ki Dhaar Mein Thandi Hawa Aati To Hai - Hindi Ghazal by Dushyant Kumar. इस नदी की धार में- दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल.
कविता पढ़ेंHo gayi hai peer parbat si pighalni chahiye - Hindi Ghazal by Dushyant Kumar. हो गई है पीर पर्वत-सी - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल.
कविता पढ़ेंदुष्यंत कुमार की ग़ज़लें - इस पृष्ठ पर दुष्यंत कुमार की ग़ज़लें संकलित की गई हैं। Hindi Ghazals by Dushyant Kumar.
कविता पढ़ें