राष्ट्रभाषा के बिना आजादी बेकार है। - अवनींद्रकुमार विद्यालंकार

Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन


Hindi Poems & Poetry - हिंदी कविता संकलन
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  1. आग कितनी है... | ग़ज़ल

    आग कितनी है बता अंगार में/जान आयेगी तभी दो चार में - गिरेन्द्रसिंह भदौरिया प्राण की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Girendra Singh Bhadoria Pran.

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  2. अपने घर में बना मेहमान...

    अपने घर में बना मेहमान - डॉ. कुँवर वीरेन्द्र विक्रम सिंह गौतम की ग़ज़ल। Ghazal by Dr. Kunwar Virendra Vikram Singh Gautam.

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  3. ज़िंदगी मुझको... | ग़ज़ल 

    ज़िंदगी मुझको सुन रही हो क्या/ तुम यक़ीनन ही ज़िंदगी हो क्या - लक्ष्मी शंकर वाजपेयी की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Laxmi Shankar Bajpai.

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