अपने घर में बना मेहमान...
अपने घर में बना मेहमान - डॉ. कुँवर वीरेन्द्र विक्रम सिंह गौतम की ग़ज़ल। Ghazal by Dr. Kunwar Virendra Vikram Singh Gautam.
कविता पढ़ेंअपने घर में बना मेहमान - डॉ. कुँवर वीरेन्द्र विक्रम सिंह गौतम की ग़ज़ल। Ghazal by Dr. Kunwar Virendra Vikram Singh Gautam.
कविता पढ़ेंबनाया है मैंने ये घर धीरे धीरे - रामदरश मिश्र की ग़ज़ल। Ghazal by Ramdarsh Mishra.
कविता पढ़ेंबयानों से वो बरगलाने लगे हैं - डॉ राजीव सिंह की ग़ज़ल।Hindi Ghazal by Rajeev Singh.
कविता पढ़ेंभला करके बुरा बनते रहे हम - डॉ राजीव सिंह की हिंदी ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Rajiv Singh.
कविता पढ़ेंकहाँ तो तय था चराग़ाँ - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल। Hindi Ghazals by Dushyant Kumar.
कविता पढ़ेंअब अँधेरों से लिपटकर - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंकिसी की आँख में आँसू - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंयूँ जीना आसान नहीं है - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंकभी तुम दूर जाते हो - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंलम्हा इक छोटा सा फिर - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंकिसी के आँसुओं पर - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंबीता मेरे साथ जो अब तक - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंझरे हों फूल गर पहले - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंफिर नये मौसम की - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंसूनापन रातों का - डॉ० भावना कुँअर की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Bhawana Kunwar.
कविता पढ़ेंकैसे मंज़र सामने आने लगे हैं - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल। Kaise Manzar Saamne Aane Lage Hain - Ghazal by Dushyant Kumar.
कविता पढ़ेंये जो शहतीर है- दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल। इसी ग़ज़ल का एक प्रसिद्ध शेर है - कैसे आकाश में सूराख़ नहीं हो सकता, एक पत्थर तो तबीयत से उछालो यारो। इस शेर क…
कविता पढ़ेंतुम्हारे पाँव के नीचे - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dushyant Kumar.
कविता पढ़ेंप्रेम देश का ढूंढ रहे हो गद्दारों के बीच - डॉ राणा प्रताप सिंह 'राणा' गन्नौरी की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Rana Pratap Singh Rana Ganauri.
कविता पढ़ेंबड़ी नाज़ुक है डोरी साँस की यह - डॉ राणा प्रताप सिंह 'राणा' गन्नौरी की ग़ज़ल। Hindi Ghazal by Dr Rana Pratap Singh Rana Ganauri
कविता पढ़ेंसामने आईने के जाओगे - डॉ राणा प्रतापसिंह ‘राणा' गन्नौरी की ग़ज़ल. Ghazal by Dr Rana Pratap Singh Rana Ganauri
कविता पढ़ेंये सारा जिस्म झुककर - दुष्यंत कुमार की ग़ज़ल. Hindi Ghazal by Dushyant Kumar.
कविता पढ़ेंडॉ भावना की दो ग़ज़लें. Ghazals by Dr Bhavna Kumari
कविता पढ़ेंसामने गुलशन नज़र आया - डॉ सुधेश की ग़ज़ल।
कविता पढ़ेंमैंने लिखा कुछ भी नहीं - डॉ सुधेश की ग़ज़ल।
कविता पढ़ेंडॉ सुधेश दिल्ली के जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय से हिन्दी के प्रोफ़ेसर पद से सेवानिवृत्त हैं। आप हिंदी में विभिन्न विधाओ में सृजन करते हैं। यहाँ आपकी…
कविता पढ़ेंडॉ. राकेश जोशी की चार ग़ज़लें
कविता पढ़ेंडा भावना की ग़ज़ल, 'यह जो बादल है'. Ghazal by Dr Bhavna.
कविता पढ़ेंडा भावना की ग़ज़ल, 'नदियों के गंदे पानी को'. Ghazal by Dr Bhavna.
कविता पढ़ेंडा भावना की ग़ज़ल, 'आंखों में उसका चेहरा है'. Ghazal by Dr Bhavna.
कविता पढ़ें