माओरी 'पोफिरी' - न्यूज़ीलैंड में माओरी लोगों का एक पारंपरिक और औपचारिक स्वागत समारोह है।

माओरी 'पोफिरी' (Pōwhiri) न्यूज़ीलैंड में माओरी लोगों का एक पारंपरिक और औपचारिक स्वागत समारोह है।

यह समारोह आगंतुकों के इरादों को समझने, उनके पवित्र (तापू/Tapu) दर्जे को हटाने और मेज़बानों के साथ गहरा सांस्कृतिक व आत्मीय संबंध स्थापित करने के लिए किया जाता है।

पोफिरी समारोह में मुख्य रूप से ये चरण शामिल होते हैं:

कारांगा (Karanga): मेज़बान पक्ष की महिलाएँ मेहमानों का स्वागत करते हुए पारंपरिक पुकार लगाती हैं, जिसका मेहमान पक्ष की महिलाओं द्वारा जवाब दिया जाता है।

वाइकोरेरो (Whaikōrero): मेज़बान और मेहमान दोनों पक्षों के बुजुर्ग या नेता औपचारिक भाषण देते हैं

वाइआता (Waiata): प्रत्येक भाषण के बाद मेहमानों या मेज़बानों द्वारा पारंपरिक गीत गाए जाते हैं। 

कोहा (Koha): मेहमानों द्वारा मेज़बानों को सम्मान के रूप में एक भेंट या उपहार दिया जाता है। 

हरिरू और होन्गी (Hongi & Harirū): अंत में, दोनों पक्षों के लोग हाथ मिलाते हैं (हरिरू) और एक-दूसरे के माथे व नाक को आपस में सटाते हैं (हॉन्गी)। यह जीवन और श्वास के मिलन का प्रतीक है। अपनी सांसों/प्राणों को जोड़ने के प्रतीक के रूप में अपनी नाक सटाई जाती है।

हाकारी (Hākari): समारोह के अंत में एक दावत/भोजन का आयोजन किया जाता है, जो मेहमानों की 'पवित्रता' (Tapu) को सामान्य स्थिति में लाता है। 

माओरी (Māori) संस्कृति और भाषा में 'Tapu' (तापू) का मुख्य मतलब 'पवित्र' (Sacred), 'प्रतिबंधित' (Restricted) या 'वर्जित' (Forbidden) होता है।

यह माओरी समाज की सबसे शक्तिशाली और महत्वपूर्ण आध्यात्मिक अवधारणाओं में से एक है।अंग्रेजी का प्रसिद्ध शब्द 'Taboo' (टैबू - जिसका अर्थ निषेध या वर्जित होता है) इसी पॉलिनेशियन और माओरी शब्द 'Tapu' से बना बताया जाता है।

माओरी संस्कृति में 'तापू/Tapu' के महत्व को निम्नलिखित बिंदुओं से समझा जा सकता है:

आध्यात्मिक सुरक्षा: यह किसी व्यक्ति, स्थान या वस्तु को देवताओं (अतुआ/Atua) के संरक्षण में रखने या उसे आम लोगों से अलग (Set apart) रखने की एक व्यवस्था है।

प्रतिबंध और नियम: यदि कोई चीज़ 'तापू' घोषित कर दी जाती है, तो उसे छूना या उसके पास जाना सख्त वर्जित होता है ताकि लोग किसी आध्यात्मिक नुकसान या बीमारी से बच सकें।

उदाहरण: श्मशान घाट (Burial grounds), पवित्र नदियाँ, कबीले के प्रमुख (Chiefs) का सिर, और कुछ विशेष धार्मिक अनुष्ठान बहुत अधिक 'तापू' माने जाते हैं।

विपरीत शब्द (Noa): तापू का बिल्कुल उलटा शब्द 'Noa' (नोआ) होता है, जिसका अर्थ है 'साधारण', 'सुरक्षित' या 'प्रतिबंधों से मुक्त'। भोजन या विशेष प्रार्थनाओं के ज़रिए किसी चीज़ का 'तापू' हटाया जाता है, जिसे 'फकानोआ/Whakanoa' कहते हैं।

-रोहित कुमार हैप्पी