
भारतीय उच्चायोग, कैनबरा और वाणिज्य दूतावास, ब्रिस्बेन के तत्वावधान में प्रशांत क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन का आयोजन 16 जनवरी 2026 को ऑस्ट्रेलिया के ब्रिस्बेन में किया जाएगा। यह एक दिवसीय सम्मेलन हिंदी भाषा के वैश्विक प्रसार, प्रवासी समुदायों की भूमिका तथा समकालीन शैक्षिक एवं तकनीकी चुनौतियों पर केंद्रित रहेगा।
इससे पहले 2006 में सिडनी और 2020 में फीजी में एक क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन हो चुका है। सिडनी में यह दो दिवसीय आयोजन सिडनी के मैट्रो होटल में 4-5 फरवरी 2006 को हुआ था जिसमें सिंगापुर, मलेशिया, फीजी और न्यूज़ीलैंड के हिंदी विद्वजनों ने सहभागिता की थी। 2020 में फीजी में भी एक क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन ग्रैंड होटल में आयोजित हुआ था। इसके पश्चात 2023 में फीजी में विश्व हिंदी सम्मेलन भी आयोजित हो चुका है।
ब्रिस्बेन में आयोजित होने वाले प्रशांत क्षेत्रीय हिंदी सम्मेलन का उद्घाटन सत्र प्रातः 9 बजे आरंभ होगा। कार्यक्रम की शुरुआत औपचारिक स्वागत और दीप प्रज्वलन से होगी। इसके पश्चात ब्रिस्बेन स्थित भारत के महावाणिज्यदूत का स्वागत संबोधन, भारत के उच्चायुक्त की उद्घाटन टिप्पणी तथा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार के सचिव (दक्षिण) का उद्घाटन उद्बोधन होगा। उद्घाटन सत्र में मुख्य वक्तव्य प्रख्यात हिंदी विद्वान एवं ऑस्ट्रेलियन नेशनल यूनिवर्सिटी के पूर्व प्रोफेसर डॉ. पीटर फ्राइडलैंडर द्वारा प्रस्तुत किया जाएगा।
सम्मेलन के दौरान तीन महत्वपूर्ण पैनल चर्चाएँ आयोजित की जाएँगी।
प्रथम पैनल चर्चा का विषय होगा— “प्रवासी समुदाय एवं संस्थान: हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हिंदी के सुदृढ़ीकरण की दिशा में।”
द्वितीय पैनल चर्चा में हिंदी शिक्षण: पाठ्यक्रम संरचना, शिक्षण पद्धतियाँ एवं मूल्यांकन मॉडल पर विमर्श किया जाएगा।
तृतीय पैनल चर्चा हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) विषय पर केंद्रित रहेगी, जिसमें श्री चार्ल्स थॉमसन बिहारीलाल सहित विशेषज्ञ वक्ता अपने विचार साझा करेंगे।
दोपहर के सत्र में भारत, फिजी, न्यूज़ीलैंड, प्रशांत द्वीप राष्ट्रों तथा ऑस्ट्रेलिया के विभिन्न राज्यों से आए प्रतिनिधियों द्वारा “क्षेत्र की आवाज़ें: हिंदी के प्रचार-प्रसार हेतु व्यावहारिक सुझाव” विषय पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इस सत्र में क्षेत्रीय चुनौतियों, सफल अनुभवों, सर्वोत्तम प्रथाओं तथा वर्ष 2026 के लिए नवीन प्रस्तावों पर चर्चा होगी।
सम्मेलन का समापन वैलेडिक्टरी सत्र के साथ होगा, जिसमें समापन संबोधन, सम्मान एवं प्रमाणपत्र वितरण तथा धन्यवाद ज्ञापन शामिल हैं।
सायंकालीन कार्यक्रम के अंतर्गत कवि सम्मेलन, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ तथा औपचारिक रात्रिभोज का आयोजन किया जाएगा।
यह सम्मेलन हिंद-प्रशांत क्षेत्र में हिंदी भाषा के सशक्तीकरण और अंतरराष्ट्रीय संवाद को नई दिशा देने की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
यहाँ सम्मेलन के अद्यतन समाचार प्रकाशित होते रहेंगे।
[भारत-दर्शन समाचार]