यह कैसे संभव हो सकता है कि अंग्रेजी भाषा समस्त भारत की मातृभाषा के समान हो जाये? - चंद्रशेखर मिश्र।

रेखा राजवंशी | ऑस्ट्रेलिया साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 9

रेखा राजवंशी | ऑस्ट्रेलिया

देश की मिट्टी | कविता

बेटी ने
देश की मिट्टी उठाई
एक बोतल में रख
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दर्द के पैबंद | ग़ज़ल

मखमली चादर के नीचे दर्द के पैबंद हैं
आपसी रिश्तों के पीछे भी कई अनुबंध हैं।
दोस्त बन दुश्मन मिले किसका भरोसा कीजिए
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कुछ न किसी से कहें जनाब | ग़ज़ल

कुछ न किसी से कहें जनाब
अच्छा है चुप रहें जनाब
दुनिया बेहद जालिम है
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ज़िन्दगी इतनी भी आसान नहीं | ग़ज़ल

ज़िन्दगी इतनी भी आसान नहीं
कौन है जो कि परेशान नहीं
जिसके दामन में हों खुशियाँ-खुशियाँ
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तेरे नाम | गीत

जाने कितनी बातें लिख दीं तेरे नाम
इश्क में डूबीं रातें लिख दीं तेरे नाम
फूलों की खुशबू से महकी-महकी सी
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कम्प्यूटर | बाल गीत

नहीं चाहिए मुझको ट्यूटर
माँ मुझको ला दे कम्प्यूटर।
कम्प्यूटर में ज्ञान है सारा
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ईस्टर की छुट्टी | बाल कविता

तेरी मेरी कुट्टी
लाल नीले पीले
ईस्टर एग्ज़ रंगीले
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सबके अपने-अपने ग़म

सबके अपने-अपने ग़म
कुछ के ज़्यादा, कुछ के कम
दिल पे ऐसी गुज़री है
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श्यामली जीजी | कहानी

ये किस्सा है सांवली सलोनी, बड़ी-बड़ी आँखों वाली, कान्वेंट में पढ़ी लिखी, अंग्रेजी हिंदी दोनों भाषाओ में निपुण, आकर्षक महिला श्यामली जीजी का।
श्यामली, जब मैं ?...
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रेखा राजवंशी | ऑस्ट्रेलिया का जीवन परिचय (Biography)

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