विदेशी भाषा के शब्द, उसके भाव तथा दृष्टांत हमारे हृदय पर वह प्रभाव नहीं डाल सकते जो मातृभाषा के चिरपरिचित तथा हृदयग्राही वाक्य। - मन्नन द्विवेदी।

ज़िन्दगी इतनी भी आसान नहीं | ग़ज़ल

ज़िन्दगी इतनी भी आसान नहीं | Ghazal by Rekha Rajvanshi

ज़िन्दगी इतनी भी आसान नहीं
कौन है जो कि परेशान नहीं

जिसके दामन में हों खुशियाँ-खुशियाँ
ऐसा मिलता कोई इंसान नहीं

लेके दिल में जो सकूँ रहते हैं,
उनको भी बख्शते तूफ़ान नहीं

बन के सूरज जो खिला करते हैं
रात के साए से अनजान नहीं

ग़म की स्याही उड़ेलते हैं जो
साफ़ उनके भी गिरेबान नहीं

किससे अब उनकी शिकायत करिये
दोस्त अपने हैं, वो हैवान नहीं

ज़िन्दगी इतनी भी आसान नहीं
कौन है जो कि परेशान नहीं

-रेखा राजवंशी, ऑस्ट्रेलिया

 

 

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