हिंदी उन सभी गुणों से अलंकृत है जिनके बल पर वह विश्व की साहित्यिक भाषाओं की अगली श्रेणी में सभासीन हो सकती है। - मैथिलीशरण गुप्त।
स्पष्टीकरण
हाँ, मैंने कहा था--
अच्छे दिन आएँगे।
कब कहा था, लेकिन --
तुम्हारे?
- रोहित कुमार 'हैप्पी'
हाँ, मैंने कहा था--
अच्छे दिन आएँगे।
कब कहा था, लेकिन --
तुम्हारे?
- रोहित कुमार 'हैप्पी'
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