देशभाषा की उन्नति से ही देशोन्नति होती है। - सुधाकर द्विवेदी।

कवि

रचनाकार: रोहित कुमार 'हैप्पी' (न्यूज़ीलैंड)
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तुम्हारी कलम में
वो 'पीर' नहीं।
तुमने शब्द गढ़े,
जीये नहीं।
तुम कवि तो हुए
कबीर नहीं!

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

 

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