भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

स्पष्टीकरण

रचनाकार: रोहित कुमार 'हैप्पी' (न्यूज़ीलैंड)
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स्पष्टीकरण | छोटी कविता | Small Hindi Poem

हाँ, मैंने कहा था--
अच्छे दिन आएँगे। 
कब कहा था, लेकिन --
तुम्हारे?

- रोहित कुमार 'हैप्पी'

 

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