विचित्र विवशता | कविता (काव्य)

 

‘उधर प्रशासन को
चुस्त बनाने के
अथक प्रयास हो रहे हैं
और इधर आप
टेबल पर सिर रखकर
आराम से सो रहे हैं!'

उत्तर मिला--
‘अब आप ही बताएं!
ऑफिस में ‘तकिया'
कहां से लाएं?'

-मधुप पांडेय

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