यशपाल जैन | Yashpal Jain साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 4
राजकुमार की प्रतिज्ञा | Rajkumar Ki Pritigya
यशपाल ने अनेक बालोपयोगी कहानियां लिखी, पर उपन्यास नहीं लिखा था। अचानक उन्हें आभास हुआ कि बच्चों के लिए उपन्यास भी लिखना चाहिए और उनकी लेखनी उस दिशा में च?...
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राजकुमार की प्रतिज्ञा - भाग १
पुराने जमाने की बात है। एक राजा था। उसके सात लड़के थे। छ: का विवाह हो गया था। सातवां अभी कुंवारा था। एक दिन वह महल में बैठा था कि उसे बड़े जोर की प्यास लगी। उ...
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राजकुमार की प्रतिज्ञा - भाग 2
राजकुमार ने चलते-चलते कहा, "यह तो पहला पड़ाव था, अभी तो जाने कितने पड़ाव और आयेंगे।"
वजीर का लड़का गंभीर होकर बोला, "यहां से तो हम राजी-खुशी निकल आये, पर आगे हम...
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वजीर का लड़का गंभीर होकर बोला, "यहां से तो हम राजी-खुशी निकल आये, पर आगे हम...
राजकुमार की प्रतिज्ञा - भाग 3
वजीर के लड़के ने दरवाजे पर जाकर उसे खटखटाया, पर कोई नहीं बोला। उसने मन-ही-मन कहा, "यह एक नई मुसीबत सिर पर आ गई। पर अब हो क्या सकता था!" उसने बार-बार दरवाजा खटखट?...
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