भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

यशपाल जैन | Yashpal Jain

यशपाल जैन का जन्म 1 सितम्बर 1912 को विजयगढ़ ज़िला अलीगढ़ में हुआ था।  

सस्ता साहित्य मंडल के प्रकाशन के पीछे मुख्यत: आप ही का परिश्रम था।

आपने सस्ता साहित्य मंडल प्रकाशन के मंत्री के रूप में हिंदी की सेवा की ।
 
आपने अनेक उपन्यास, कहानी संग्रह, एक आत्मकथा, 3 प्रकाशित
नाटक, कविता संग्रह, यात्रा वृत्तांत, व संग्रहों का प्रकाशन व संपादन किया।

1990 में आपको  पद्मश्री से सम्मानित किया गया था। 

10 अक्टूबर 2000 को नागदा (म. प्र) में आपका निधन हो गया।

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

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