सुभाषिनी लता कुमार | फीजी साहित्य Hindi Literature Collections
कुल रचनाएँ: 7
फंदा
[फीजी से फीजी हिंदी में लघुकथा]
दुकान में सबरे से औरतन के लाइन लगा रहा। कोई बरौनी बनवाए, कोई फेसिअल कराए, कोई बार कटवाए, कोई कला कराए, तो कोई नेल-पेंट लगवाए क?...
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दुकान में सबरे से औरतन के लाइन लगा रहा। कोई बरौनी बनवाए, कोई फेसिअल कराए, कोई बार कटवाए, कोई कला कराए, तो कोई नेल-पेंट लगवाए क?...
फीजी कितना प्यारा है
प्रशांत महासागर से घिरा
चमचमाती सफ़ेद रेतों से भरा
फीजी द्वीप हमारा
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चमचमाती सफ़ेद रेतों से भरा
फीजी द्वीप हमारा
‘फीजी हिंदी’ साहित्य एवं साहित्यकार: एक परिदृश्य
‘फीजी हिंदी’ फीजी में बसे भारतीयों द्वारा विकसित हिंदी की नई भाषिक शैली है जो अवधी, भोजपुरी, फीजियन, अंग्रेजी आदि भाषाओं के मिश्रण से बनी है। फीजी के प?...
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फीजी के प्रवासी भारतीय साहित्यकार प्रो. बृज लाल की दृष्टि
अकादमिक स्वर्गीय प्रो. बृज लाल का नाम फीजी तथा दक्षिण प्रशान्त महासागर के प्रतिष्ठित साहित्यकारों की अग्रीम श्रेणी में लिया जाता है। उनके पूर्वज गिरमि...
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गिरमिटियों को श्रद्धांजलि (भाग 2)‘ का लोकार्पण
नरेश चंद की ऑडियो सीडी ‘गिरमिट गाथा- गिरमिटियों को श्रद्धांजलि (भाग 2)‘ का लोकार्पण
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श्रीमती सुक्लेश बली से डॉ. सुभाषिनी कुमार की बातचीत
फीजी में हिंदी शिक्षण का अलख जगाती हिंदी सेवी श्रीमती सुकलेश बली से साक्षात्कार
“हिन्दी से घबराइए नहीं। आप जैसे हिंदी फिल्में देखते हैं, गाने गुनगुना?...
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“हिन्दी से घबराइए नहीं। आप जैसे हिंदी फिल्में देखते हैं, गाने गुनगुना?...