हिंदी का पौधा दक्षिणवालों ने त्याग से सींचा है। - शंकरराव कप्पीकेरी

दोस्ती

दोस्ती इम्तिहान होती है
जो पास कर जाए,
वो दोस्ती महान होती है।
फरिश्तों से बढ़ कर होते है दोस्त,
जिनकी दोस्ती दोस्ती नहीं,
जान होती है।
मिट कर मिटा देती है, हस्ती दुश्मन की
दोस्ती तो, न रुकने वाला बाण होती है।

-राकेश एल रॉबर्ट
ई-मेल: ladhrhrakesh26@gmail.com

 

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