विदेशी भाषा का किसी स्वतंत्र राष्ट्र के राजकाज और शिक्षा की भाषा होना सांस्कृतिक दासता है। - वाल्टर चेनिंग

सच के लिए लड़ो मत साथी | गीत (काव्य)

Print this

Author: कुमार विश्वास

सच के लिए लड़ो मत साथी, 
भारी पड़ता है! 

जीवन भर जो लड़ा अकेला 
बाहर-अंदर का दु:ख झेला 
पग-पग पर कर्तव्य-समर में 
जो प्राणों की बाज़ी खेला 
ऐसे सनकी कोतवाल को 
चोर डपटता है! 

सच के लिए लड़ो मत साथी, 
भारी पड़ता है! 

किरणों को दाग़ी बतलाना 
या दर्पण से आँख चुराना 
कीचड़ में धँस कर औरों को 
गंगा जी की राह बताना 
इस सबसे ही अंधकार का 
सूरज चढ़ता है! 

सच के लिए लड़ो मत साथी 
भारी पड़ता है! 

-कुमार विश्वास

Back

 
Post Comment
 
 
 
 
 

सब्स्क्रिप्शन

सर्वेक्षण

भारत-दर्शन का नया रूप-रंग आपको कैसा लगा?

अच्छा लगा
अच्छा नही लगा
पता नहीं
आप किस देश से हैं?

यहाँ क्लिक करके परिणाम देखें

इस अंक में

 

इस अंक की समग्र सामग्री पढ़ें

 

 

सम्पर्क करें

आपका नाम
ई-मेल
संदेश