राष्ट्रीय एकता की कड़ी हिंदी ही जोड़ सकती है। - बालकृष्ण शर्मा 'नवीन'

सुभाष मुनेश्वर | न्यूज़ीलैंड साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 2

सुभाष मुनेश्वर | न्यूज़ीलैंड

मुर्गे जी महाराज

सुबह उठे कि दिये बाँग
मुर्गे जी महाराज
आप जगे औरों को जगाये
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नंगोना

जहाँ नंगोने की थारी
वहाँ जनता है उमड़ी भारी,
सिकुड़ गई चेहरे की चमड़ी
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सुभाष मुनेश्वर | न्यूज़ीलैंड का जीवन परिचय (Biography)

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