अंग्रेजी के माया मोह से हमारा आत्मविश्वास ही नष्ट नहीं हुआ है, बल्कि हमारा राष्ट्रीय स्वाभिमान भी पददलित हुआ है। - लक्ष्मीनारायण सिंह 'सुधांशु'।

सुभाष मुनेश्वर | न्यूज़ीलैंड साहित्य Hindi Literature Collections

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सुभाष मुनेश्वर | न्यूज़ीलैंड

मुर्गे जी महाराज

सुबह उठे कि दिये बाँग
मुर्गे जी महाराज
आप जगे औरों को जगाये
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नंगोना

जहाँ नंगोने की थारी
वहाँ जनता है उमड़ी भारी,
सिकुड़ गई चेहरे की चमड़ी
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सुभाष मुनेश्वर | न्यूज़ीलैंड का जीवन परिचय (Biography)

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