भय ही पराधीनता है, निर्भयता ही स्वराज्य है। - प्रेमचंद।

शिवरानी देवी प्रेमचंद साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 1

शिवरानी देवी प्रेमचंद

कप्तान

ज़ोरावर सिंह की जिस दिन शादी हुई, बहू आई, उसी रोज़ ज़ोरावर सिंह की कप्तानी को जगह मिली। घर में आकर बोला ज़ोरावर अपनी बीवी से -- 'तुम बड़ी भाग्यवान हो। कल तुम...
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शिवरानी देवी प्रेमचंद का जीवन परिचय (Biography)

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