अकबर से लेकर औरंगजेब तक मुगलों ने जिस देशभाषा का स्वागत किया वह ब्रजभाषा थी, न कि उर्दू। -रामचंद्र शुक्ल

शिवरानी देवी प्रेमचंद साहित्य Hindi Literature Collections

कुल रचनाएँ: 1

शिवरानी देवी प्रेमचंद

कप्तान

ज़ोरावर सिंह की जिस दिन शादी हुई, बहू आई, उसी रोज़ ज़ोरावर सिंह की कप्तानी को जगह मिली। घर में आकर बोला ज़ोरावर अपनी बीवी से -- 'तुम बड़ी भाग्यवान हो। कल तुम...
पूरा पढ़ें...
शिवरानी देवी प्रेमचंद का जीवन परिचय (Biography)

मेरी पसंदीदा रचनाएँ

आपने अभी तक कोई रचना सहेज कर नहीं रखी है।