विदेशी भाषा का किसी स्वतंत्र राष्ट्र के राजकाज और शिक्षा की भाषा होना सांस्कृतिक दासता है। - वाल्टर चेनिंग

शिवरानी देवी प्रेमचंद

शिवरानी देवी प्रेमचंद कथा-सम्राठ मुंशी प्रेमचंद की जीवन-संगिनी थीं।

शिवरानी देवी के पिता का नाम मुंशी देवीप्रसाद था। शिवरानी बाल-विधवा थीं व 1905 में शिवरानी का विवाह मुंशी प्रेमचंद से हुआ।

शिवरानी ने स्वाधीनता आंदोलन में सक्रिय भाग लिया। आप स्वाधीनता के लिए लड़ीं व 1930 में आपको 2 महीने का कारावास हुआ।

'प्रेमचंद घर में' आपकी चर्चित साहित्य-कृति है। आपकी रचनाएं चाँद व हंस में प्रकाशित होती रही हैं।

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