भाषा देश की एकता का प्रधान साधन है। - (आचार्य) चतुरसेन शास्त्री।

शेरजंग गर्ग साहित्य Hindi Literature Collections

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देश

ग्राम, नगर या कुछ लोगों का काम नहीं होता है देश
संसद, सड़कों, आयोगों का नाम नहीं होता है देश
देश नहीं होता है केवल सीमाओं से घिरा मकान
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सीधा-सादा 

सीधा-सादा सधा सधा है 
इसी जीव का नाम गधा है
इसपर कितना बोझ लदा है 
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शेरजंग गर्ग का जीवन परिचय (Biography)

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